Chennai Airport News: 27,400 करोड़ की लागत से बन रहे परंदूर एयरपोर्ट की बढ़ी डेडलाइन, कब होगा ऑपरेशनल?
Chennai Airport News: भारत को एयर कनेक्टिविटी का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में प्रमुख शहरों में दो एयरपोर्ट बनाने का काम चल रहा है। नवीं मुंबई एयरपोर्ट के तर्ज पर चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के रूप में प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की डेडलाइन आगे कर दी गई है। भूमि अधिग्रहण, स्थानीय विरोध और पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी में देरी की वजह से मेगा प्रोजेक्ट की डेडलाइन आगे खिसक गई है। जनवरी 2026 तक की स्थिति के मुताबिक, अब इस हवाई अड्डे का पहला चरण 2029 के अंत या 2030 की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है।
सरकार की शुरुआती योजना थी कि जनवरी 2026 तक ग्राउंडवर्क शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर 2028 तक पहला चरण पूरा करने की योजना थी। हालांकि, जमीन अधिग्रहण में आई अड़चनों के कारण परियोजना लगभग एक साल पीछे चली गई है। इस हवाई अड्डे की अनुमानित लागत करीब 27,400 करोड़ रुपये है और चार चरणों में बनकर तैयार होगा।

Parandur Airport के लिए आई कई रुकावटें
- परियोजना के लिए कुल 5,746 एकड़ जमीन की जरूरत है। जनवरी 2026 तक लगभग 59 फीसदी यानी करीब 3,400 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
- इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीन शामिल है। हालांकि, एकनापुरम गांव के निवासी इस परियोजना का खुलकर विरोध कर रहे हैं। प्रस्तावित रनवे इसी क्षेत्र में बनना है। कई किसान अपनी कृषि भूमि छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
- तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TIDCO) ने प्रभावित 13 गांवों के परिवारों के लिए मॉडल घर बनाए हैं और मुआवजा पैकेज की पेशकश की है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है।
- यही वजह है कि पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) और हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन के लिए जरूरी डेटा जुटाने में भी देरी हो रही है।
Chennai Airport News: पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील परियोजना
पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना संवेदनशील मानी जा रही है। प्रस्तावित साइट का लगभग 54 फीसदी हिस्सा वेटलैंड्स से बना है। इस स्थिति में बाढ़ और पर्यावरण से जुड़े नुकसान का खतरा जताया जा रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार से साइट क्लीयरेंस और टर्म्स ऑफ रेफरेंस मिल चुके हैं, लेकिन अंतिम पर्यावरण मंजूरी अब तक नहीं मिल पाई है।
Chennai Airport Update: सालाना 10 करोड़ यात्री करेंगे सफर
पूरी तरह विकसित होने के बाद परंदूर एयरपोर्ट सालाना 10 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
- इसमें दो समानांतर रनवे, तीन टर्मिनल और एक समर्पित कार्गो टर्मिनल शामिल होंगे। इसका मकसद मौजूदा चेन्नई हवाई अड्डे की बढ़ती भीड़ को कम करना है।
एविएशन सेक्टर में भारत की कोशिश ग्लोबल हब बनने की है और उस दिशा में भी चेन्नई में बन रहा दूसरा एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।












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