योग दिवस: 'ऊं' का प्रयोग ऐच्छिक ना की अनिवार्य तो विवाद क्यों?
नई दिल्ली। जैसे ही खबर आयी कि योग दिवस पर ऊँ का प्रयोग जरूरी होगा उसे लेकर विवाद शुरू हो गया। मुस्लिम धर्मगुरूओं ने इस बात के लिए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ये तो धर्म निरपेक्षता के खिलाफ है।
विवादों और आरोपों का सिलसिला बढ़ते देख आयुष मंत्रालय ने इस विषय पर सफाई दी और कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग सत्र से पहले 'ओम' और अन्य वैदिक मंत्रों का जाप अनिवार्य नहीं बल्कि ऐच्छिक है।
योग सत्र से पहले 'ओम' का जाप करने की बाध्यता नहीं है। यह बिल्कुल ऐच्छिक है, कोई इस पर आपत्ति नहीं करेगा। इसलिए इसे धर्म या तानाशाही से जोड़कर ना देखा जाये।
ऊँ या ओम शब्द योग का एक हिस्सा है जिसे धर्म से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है और ना ही इसे अनिवार्य बनाने का कोई नियम है। यही नहीं आयुष मंत्रालय ने योग कार्यक्रम में एक नया आसन जोड़ा है और प्रणायाम की अवधि दस मिनटों के लिए बढ़ा दी है। मालूम हो कि योग दिवस 21 जून को है।













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