चांद से जुड़े बड़े रहस्य को जल्द साझा करने वाला है प्रज्ञान रोवर
इसरो ने चंद्रयान 3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर लैंड करा दिया है। चांद पर सफल लैंडिंग के बाद चंद्रयान 3 का प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर लगातार यहां शोध में जुडे हैं। दोनों ही समय-समय पर चांद से जुड़ी जानकारी को साझा कर रहे हैं।
इसरो की ओर से ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी गई है कि चांद की सतह पर प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर दोनों बिल्कुल ठीक हैं। ट्वीट में कहा गया है, हेलो, धरती पर रहने वालों, मैं चंद्रयान 3 का प्रज्ञान रोवर हूं, आशा करता हूं कि आप सभी ठीक हैं।

मैं आप सबको यह बताना चाहता हूं कि मैं चांद से जुड़े रहस्यों को उजागर करने वाला हूं। मैं और मेरे दोस्त विक्रम लैंडर एक दूसरे के संपर्क में हैं। हमारा स्वास्थ्य अच्छा है। जल्द ही सर्वश्रेष्ठ आने वाला है।
इससे पहले चांद पर जारी शोध के बीच इसरो की ओर से जानकारी दी गई है कि रोवर ने इस बात की पुष्टि की है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सल्फर मौजूद है। इसके साथ ही यहां अपेक्षा के अनुसार Al, Ca, Fe, Cr, Ti, Mn, Si और O भी पाया गया है। रोवर पर लगे लिब्स ने यह जानकारी चांद की सतह से इकट्ठा की है।
फिलहाल प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चहलकदमी कर रहा है और यहां की जानकारी को इसरो के साथ साझा कर रहा है। प्रज्ञान को इसरो की ग्राउंड टीम नियंत्रित कर रही है। ग्राउंड टीम रोवर को निर्देश भेजती है।
जब भी प्रज्ञान रोवर को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो इसके लिए रोवर को चांद पर रोशनी, तापमान, आदि चीदों को परखना होता है। रोवर एक बार में 5 मीटर तक चल सकता है। रोवर को एक मूवमेंट में 5 घंटे तक का समय लग जाता है। रोवर सिर्फ लैंडर से संवाद स्थापित कर सकता है यही वजह है इससे संपर्क करने में भी समय लगता है।
लैंडर ने 23 अगस्त को चांद की तह पर लैंडिंग की है। रोवर चांद पर 14 दिन तक ही काम कर सकता है। 5-6 सितंबर को यहां सूरज ढल जाएगा। फिहला रोवर को सूर्य की रोशनी से पॉवर मिल रही है। अभी भी सूरज पर रोवर के पास 10 दिन का समय है।












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