Isro scientist Valarmathi: उधर चांद पर स्लीप मोड में गया रोवर, इधर थम गई लॉन्चिंग को आवाज देने वाली 'आवाज'
Chandrayaan 3 news update: भारत ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर विजय हासिल कर ली है। चंद्रयान-3 को जो टॉस्क दिया गया था, वो पूरा हो गया। ऐसे में उसके रोवर प्रज्ञान को स्लीप मोड में डाल दिया गया। इस बीच इसरो कमांड सेंटर से भी एक बुरी खबर सामने आई।
चंद्रयान-3 के लॉन्च काउंटडाउन को आवाज देने वाली इसरो साइंटिस्ट वलारमथी का शनिवार को निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक उनको हार्टअटैक आया था। उनको तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनके निधन की खबर सुनकर इसरो के कर्मचारी भी काफी दुखी हैं।

वलारमथी नियमित रूप से काम कर रही थीं। 14 जुलाई को जब श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 लॉन्च हुआ, तो उन्होंने काउंटडाउन को आवाज दी थी, जिसका प्रसारण पूरे देश ने देखा।
39 साल तक की देश सेवा
वलारमथी तमिनलाडु के अरियालुर की रहने वाली थी। कोयंबटूर से इंजीनियरिंग करने के बाद 1984 में वो इसरो में शामिल हो गईं। तब से वो देश सेवा कर रही थीं। उन्होंने रडार इमेजिंग सैटेलाइट RISAT-1 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसके अलावा कई अहम मिशन में जिम्मेदारी संभाली।
क्या फिर जागेगा रोवर?
प्रज्ञान रोवर ने अपना टास्क तय वक्त से पहले ही पूरा कर लिया। ऐसे में उसको सुरक्षित जगह पर पार्क कर दिया गया। साथ ही उसके सारे पैनल उस दिशा में खोल दिए गए, जहां 14 दिन बाद सूर्य का प्रकाश फिर से आएगा। इसरो के मुताबिक उसकी बैटरी फुल चार्ज है। ऐसे में उम्मीद है कि वो 14 दिन बाद फिर से जाग जाएगा। हालांकि सबसे अहम चुनौती वहां का तापमान है। रात होने की वजह से उसमें काफी गिरावट आएगी, ऐसे में उसके उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है।
चांद पर होती है 14 दिन की रात
आपको बता दें कि एक चंद्र दिवस 14 दिन का होता है यानी वहां पर 14 दिन और फिर 14 दिन रात होती है। विक्रम को दिन की शुरुआत में लैंड करवाया गया था। इससे रोवर को पूरे 14 दिन का वक्त मिल गया।












Click it and Unblock the Notifications