क्या पेट्रोल के सहारे उड़ान भर रहा चंद्रयान-3, जानें इसमें कौन सा ईंधन डाला गया है?
Chandrayaan-3 fuel: भारत के करोड़ों लोग आज चंद्रयान-3 के इतिहास रचने का इंतजार कर रहे हैं। चंद्रयान-3 आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंड करेगा। इसकी सफलता के लिए देश के कई राज्यों पूजा-पाठ और हवन किया जा रहा है। कई लोग तिरंगा लहराकर सफलता की कामना कर रहे हैं। इन सब के बीच कई लोग चंद्रयान-3 और चंद्रमा को लेकर गूगल पर तरह तरह की चीजें सर्चिंग कर रहे हैं। कई लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर चंद्रयान-3 में कौन सा ईंधन डाला जाता है। कई लोग सोचते हैं कि चंद्रयान-3 पेट्रोल या डीजल के जरिए हवा में उड़ान भरता है लेकिन यह गलत है। चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में सबकुछ।
चंद्रयान-3 में कौन का ईंधन डाला जाता है?
बता दें कि किसी भी स्पेस क्राफ्ट को चलाने के लिए पेट्रोल और डीजल की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं होती है। स्पेस क्राफ्ट को चलाने के लिए जिस फ्यूल का इस्तेमाल किया जाता है, उसे लिक्विड हाइड्रोजन कहते हैं। लिक्विड हाइड्रोजन दुनिया का दूसरा सबसे ठंडा लिक्विड है। इसका तापमान माइनस 252.8 डिग्री सेल्सियस होता है। चंद्रयान-3 में भी इसी फ्यूल का इस्तेमाल किया गया है। नासा जैसी स्पेस एजेंसियां भी जब अपना कोई स्पेस शटल लॉन्च करती हैं तो इसी फ्यूल का इस्तेमाल करती हैं।

चंद्रयान-3 में कितना फ्यूल डाला गया
चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग के वक्त 14 जुलाई को इसमें 1696.4 किलो लिक्विड हाइड्रोजन भरा गया था। बता दें कि लिक्विड हाइड्रोजन किलो में ही भरा जाता है। अब आप लोग जानना चाह रहे होंगे कि चंद्रयान-3 तो 40 दिनों से अधिक से उड़ान भर रहा है तो इसमें अब कितना फ्यूल बचा हुआ होगा। इसरो के पूर्व चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 में अभी भी लगभग 150 किलो से ज्यादा फ्यूल बचा हुआ है, जो उसे लंबे समय तक काम करने की स्थिति में रखेगा।












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