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पीएम को चिट्ठी लिख रोहिणी ने लगाई न्याय की गुहार, अब तक नहीं हुआ चंद्रशेखर पर कोई एक्शन

Chandrashekhar Azad Controversy: देश की राजनीति में बदलाव और दलित अधिकारों की आवाज बनकर उभरे चंद्रशेखर आजाद एक नए विवाद में घिर गए हैं। इस बार मामला न केवल राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत आरोपों से जुड़ा है, जिसने सभी को चौंका दिया है। पीएचडी कर रहीं स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर बेहद गंभीर और निजी आरोप लगाए हैं।

रोहिणी न केवल सोशल मीडिया पर मुखर हुई हैं, बल्कि अब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधा पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन लाखों महिलाओं की लड़ाई है, जो आत्मसम्मान और इंसाफ के लिए आवाज उठाना चाहती हैं।

Chandrashekhar Azad Controversy

अपने पत्र में रोहिणी ने जो बातें लिखी हैं, वो सिस्टम, समाज और संवेदनशीलता तीनों पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने न सिर्फ मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी कहा है कि विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी गईं और निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी गई।
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रोहिणी के शिकायत दर्ज कराने और पीएम तक अपनी बात पहुंचाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है। उन्होंने 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक खत लिखकर अपनी बात पहुंचाई है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए दी थी। हालांकि, पीएम को पत्र भेजे दो दिन बीतने के बाद भी अबतक कोई एक्शन नहीं हुआ है।

पीएम मोदी को चिट्ठी लिख रोहिणी घावरी ने लगाई न्याय की गुहार

उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को लेकर रोहिणी ने मीडिया में कई तरह की बातें कहीं हैं। उन्होंने आजाद पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और न्याय की अपील की है।

'यह सिर्फ मेरी नहीं, लाखों महिलाओं की लड़ाई है'

अपने पत्र में रोहिणी ने लिखा, "मैंने हमेशा देश का सम्मान बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अब बात आत्मसम्मान और न्याय की है। मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय महिला आयोग को शिकायत भेजी, पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।"

उन्होंने आगे लिखा, "इस घटना ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। समाज में आज भी महिला को दोषी ठहराया जाता है, उसके लिए 'र*ल', 'वै*या' जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन दोषी पुरुष पर कोई सवाल नहीं उठता।"

लगाए कई गंभीर आरोप

रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर बिना सहमति शारीरिक संबंध बनाने, शादी का झूठा वादा कर मानसिक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई और निजी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी भी मिली।

महिला आयोग और पुलिस को दी शिकायत

रोहिणी ने अपनी शिकायत महिला आयोग और दिल्ली पुलिस को भी दी है। उनका कहना है कि उन्होंने काफी समय तक डर और अवसाद में समय बिताया, लेकिन अब उन्होंने न्याय के लिए आवाज उठाने का फैसला किया है।

वह चाहती हैं कि देश की न्याय व्यवस्था में उनका भरोसा कायम रहे और उन्हें इंसाफ मिले। उन्होंने पीएम मोदी से गुहार लगाई है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उचित कार्रवाई हो। रोहिणी ने अपने पत्र में लिखा है कि शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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