एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में केंद्र सरकार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एयर इंडिया में विनिवेश का प्रस्ताव रखा था लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी एयर इंडिया को खरीदने के लिए किसी निवेशक ने बोली नहीं लगाई। अब केंद्र सरकार जल्दी ही नए नियमों और निर्देशों के तहत एयर इंडिया की बिक्री के आवेदन मांग सकती है। सूत्रों के मुताबिक, 100 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने का निर्णय कर सकती है। एयर इंडिया के लिए नियुक्त सलाहकार ईवाई ने कहा है कि कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी सरकार के पास रखने जाने का प्रावधान इसकी बिक्री की राह में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि अल्पसंख्यक राज्य की हिस्सेदारी वाले क्लॉज को शामिल करते हुए इसपर पुनः विचार किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, अब सरकार कंपनी में 24 फीसदी हिस्सेदारी को भी बेचने के मूड में है. पिछली वाली प्रक्रिया में सरकार अपने पास एयर इंडिया की कुछ हिस्सेदारी रखने पर अड़ी हुई थी।
सुभाष गर्ग ने नई दिल्ली में सोमवार को एक इंटरव्यू में बताया- एक ख़ास तरह का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन वह लोगों को अपनी ओर नहीं लुभा पाया। इसलिए, कुछ अलग करना होगा। ऐसा कुछ फिक्स्ड नहीं है कि सरकार के पास इसका 24 फीसदी हिस्सा होना ही चाहिए। इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी का हाई प्रोफाइल प्राइवेटाइजेशन प्लान 31 मई को खत्म हो गया। 50,000 करोड़ से ज्यादा के कर्ज में डूबी एयर इंडिया को कोई खरीदार नहीं मिला। इंडिगो ने पहले इसे खरीदने की इच्छा जताई थी लेकिन जब सरकार ने स्पष्ट किया कि वह एयर इंडिया इंटरनैशनल ऑपरेशन्स को अलग से नहीं बेच रही है तो एयरलाइन ने हाथ पीछे खींच लिए।












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