गन्ना किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, 315 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का मूल्य किया निर्धारित
केंद्र की मोदी सरकार ने देश के गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी है। आज हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गन्ने के दाम में बढ़ोतरी करके 315 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है।

सरकार के इस फैसले से देश के 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत 5 लाख श्रमिकों को लाभ होगा।
कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सरकार ने 2023-24 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा अन्नदाताओं के पक्ष में रहे हैं। यही वजह है कि कृषि मंत्रालय के साथ किसान कल्याण मंत्रालय इसका नाम रखा गया। इसी के तहत किसानों को प्राथमिकता में रखा गया। उन्होंने कहा, 'चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को उचित मूल्य मिले, इसलिए दामों में बढ़ोतरी की गई है।
सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि, केंद्रीय कैबिनेट ने 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए 10.25% की मूल रिकवरी दर से गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य को 315 रुपये/क्विंटल करने को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने बताया कि, उन चीनी मिलों के मामले में कोई कटौती नहीं की गई हैं। जहां रिकवरी 9.5% से कम है। ऐसे किसानों को चालू चीनी सीजन 2022-23 में 282.125 रुपये/क्विंटल के स्थान पर आगामी चीनी सीजन 2023-24 में गन्ने के लिए 291.975 रुपये/क्विंटल मिलेगा।
केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े कई फैसले लिए हैं। सरकार ने 3 वर्षों तक यूरिया की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने का फैसला किया है। इस दौरान किसानों को 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम बैग पर यूरिया दी जाएगी।
कैबिनेट ने इसके साथ ही पीएम-प्रणाम योजना और यूरिया गोल्ड योजना समेत कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी दी। कृषि प्रबंधन योजना लिए वैकल्पिक पोषक तत्वों को बढ़ावा देने वाली इस योजना का उद्देश्य जैव उर्वरकों के साथ-साथ उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है।
सरकार ने ये भी बताया कि, 195 एलएमटी पारंपरिक यूरिया के बराबर 44 करोड़ बोतलों की उत्पादन क्षमता वाले 8 नैनो यूरिया संयंत्र 2025-26 तक चालू हो जाएंगे। इसके अलावा सरकार किसानों के लिए सल्फर लेपित यूरिया (यूरिया गोल्ड) लाने जा रही है।












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