Aparajita bill पर केंद्र ने ममता बनर्जी को लिया आड़े हाथों, रिजिजू ने भी उठाए सवाल

Aparajita bill: कोलकाता के आरजी कल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 वर्षीय ट्रेनी लेडी डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत को कई दिन बीत चुके हैं। लेकिन, इसपर अभी तक राजनीतिक बहस जारी रही। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा मंगलवार को सर्वसम्मति से पारित बलात्कार विरोधी विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 11 नवंबर, 2018 के एक पत्र की प्रति साझा करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 'अपराजिता महिला और बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून और संशोधन) विधेयक 2024' पेश करके पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

Mamata Banerjee

इस दौरान उन्होंने दावा किया कि वह शुरू में अपराध को रोकने के लिए "कार्रवाई करने में विफल" रहीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार से दुष्कर्म जैसे अपराधों से निपटने के लिए कड़ा कानून पारित किया था। जिसका उद्देश्य लंबित बलात्कार और POCSO अधिनियम के मामलों के त्वरित परीक्षण और समाधान के लिए फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें (FTSC) स्थापित करना था।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019, 2020, 2021 में कई बार संवाद करने और पत्र भेजने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस सरकार से कानून लागू करने पर सहमति नहीं जताई। किरण रिजिजू ने पत्र में ममता बनर्जी सरकार से पश्चिम बंगाल में लंबित बलात्कार और पोक्सो अधिनियम के मामलों की त्वरित सुनवाई और निपटान के लिए एफटीएससी की स्थापना में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल राज्य के लिए 20 ईपीओसीओ अदालतों सहित 123 एफटीएससी निर्धारित किए गए थे, लेकिन राज्य सरकार की सहमति नहीं मिली। केंद्र की प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से राज्य बलात्कार विरोधी विधेयक पारित किए जाने के एक दिन बाद आई है, जिसमें बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की गई है।

क्या है अपराजिता विधेयक
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से दुष्कर्म रोधी विधेयक पारित कर दिया गया। विधेयक हाल में पारित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 कानूनों और पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम 2012 के पश्चिम बंगाल में क्रियान्वन में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है।

इसका मकसद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के जघन्य कृत्य की त्वरित जांच करना है। ऐसे मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द कराना और सख्त से सख्त सजा दिलवाना है। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को एक महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सरकार विधेयक लेकर आई है।

प्रस्तावित संशोधन
प्रस्तावित कानून को अधिनियमित होने से पहले बंगाल के राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति दोनों की सहमति की आवश्यकता है। यह यौन अपराधों के खिलाफ पश्चिम बंगाल के कानूनी ढांचे में एक महत्वपूर्ण विकास को चिह्नित करेगा। विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के कानून मंत्री मोलॉय घटक द्वारा पेश किए गए विधेयक पर चर्चा के दौरान बोलते हुए, ममता बनर्जी ने प्रस्तावित कानून को "ऐतिहासिक" करार दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+