केंद्र पर वैक्सीन कब्जाने का आरोप, इन 4 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
नई दिल्ली, अप्रैल 25। कांग्रेस और इसके सहयोगियों द्वारा शासित 4 राज्यों ने केंद्र पर वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन स्टॉक हाईजैक करने का आरोप लगाया है। इन राज्यों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उन्हें 18 से 45 साल की उम्र के लिए 1 मई से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान की लॉन्चिंग को लेकर संदेह है। इसके साथ केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए इन राज्यों ने केंद्र से अपील की है कि उन्हें सभी का टीकाकरण करने के लिए फ्री वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई जाए।

छ्त्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रियों ने वर्चुअली आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में पूछा कि वे कैसे सभी वयस्कों का टीकाकरण कर पाएंगे जब केंद्र ने पहले ही स्टॉक को उनसे छीन लिया है और उनके लिए डोज उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वे 1 मई से होने वाले अगले चरण के टीकाकरण अभियान के लिए तैयार हैं लेकिन वैक्सीन निर्माताओं ने उन्हें डोज उपलब्ध करा पाने में असमर्थता जताई है।
वैक्सीन न मिलने का लगाया आरोप
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा हम कैसे 18 से 45 साल की उम्र वालों का टीकाकरण करेंगे जब सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि वे 15 मई से पहले तक वैक्सीन उपलब्ध करा पाने में सक्षम नहीं होंगे।" उन्होंने कहा "हमारे पास क्षमता है लेकिन वैक्सीन नहीं है। राज्यों को आपूर्ति मिलनी चाहिए। भारत सरकार को उनकी जरूरत के हिसाब से वैक्सीन उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता टीकों की उपलब्धता पर निर्भर है।
छ्त्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा "अगर वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती है तो टीकाकरण नहीं हो सकता है। हम कैसे टीकाकरण करेंगे? हमें जो वैक्सीन मिली है उससे टीकाकरण के लिए तैयार हैं।" देव ने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो छपे होने का हवाला देकर वैक्सीनेशन में राजनीति करने का आरोप लगाया।
सौतेले व्यवहार का आरोप
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा "हमसे सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। केंद्र को वैक्सीन और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध करानी चाहिए। यदि केंद्र हमारा समर्थन नहीं करता है, तो हम टीकाकरण अभियान कैसे चला सकते हैं? केंद्र को टीका आवंटित करना चाहिए और हमें इसे प्रदान करना चाहिए।"
जेएमएम और कांग्रेस शासित झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि "प्रधानमंत्री इस उग्र महामारी के दौरान भी राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। "हमारे जैसे कांग्रेस शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री हर चीज का राजनीतिकरण कर रहे हैं और हमें लोगों को कोरोनावायरस से बचाने और राजनीति से लड़ने की दोहरी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।"












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