Census 2027: प्राइवेसी के नए नियमों के साथ होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना,चेक करें डेट से लेकर बजट तक की डिटेल
Census 2027: भारत में अगली जनगणना को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया है कि 'जनगणना 2027' देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि भारत पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना अपनाने जा रहा है।
डिजिटल जनगणना के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस बार कागजी फॉर्म की जगह मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल होगा और नागरिकों को 'सेल्फ एन्यूमरेशन' (स्वयं गणना) का विकल्प भी मिलेगा। यह आधुनिक तकनीक न केवल डेटा संग्रहण को तेज करेगी, बल्कि रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाले समय को भी काफी कम कर देगी।

डेटा की अभेद्य सुरक्षा, RTI और अदालत के दायरे से भी बाहर
जनगणना आयुक्त ने व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी।
- कोई कानूनी साक्ष्य नहीं: इस डेटा का उपयोग किसी भी अदालत में सबूत के तौर पर नहीं किया जा सकेगा।
- RTI के दायरे से बाहर: व्यक्तिगत जानकारी को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भी प्राप्त नहीं किया जा सकता।
- केवल सांख्यिकीय उपयोग: सरकार केवल कुल संकलित आंकड़ों (Aggregated Data) का उपयोग योजनाओं और रिपोर्टों के लिए करेगी।
Census 2027: दो चरणों का मास्टरप्लान
जनगणना की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में बांटा गया है:
हाउस लिस्टिंग (Phase 1): इसमें घरों की स्थिति, वहां उपलब्ध सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली) और संपत्तियों की जानकारी ली जाएगी। इस चरण में किसी भी व्यक्ति की निजी या पहचान संबंधी जानकारी नहीं ली जाएगी।
पॉपुलेशन एन्यूमरेशन (Phase 2): यह मुख्य चरण होगा जिसमें उम्र, लिंग, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, प्रवास (Migration), जन्म दर और पहली बार विस्तृत जातिगत डेटा भी डिजिटल रूप से एकत्र किया जाएगा।
Digital Census:राज्यवार कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तारीखें
राजधानी दिल्ली और कई अन्य राज्यों में सेल्फ एन्यूमरेशन की शुरुआत 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच होगी। इसके तुरंत बाद 16 अप्रैल से 15 मई तक हाउस लिस्टिंग का काम शुरू होगा।
| क्षेत्र | सेल्फ एन्यूमरेशन | हाउस लिस्टिंग | |
|---|---|---|---|
| 1 | दिल्ली (MCD क्षेत्र) | 1 मई - 15 मई | 16 मई - 14 जून |
| 2 | गुजरात, दादरा-नगर हवेली | 5 अप्रैल से शुरू | इसके बाद |
| 3 | बर्फीले क्षेत्र (लद्दाख, J&K) | अक्टूबर 2026 (संदर्भ समय) | मौसम के अनुसार |
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों के लिए संदर्भ समय 1 अक्टूबर 2026 तय किया गया है, ताकि कड़ाके की ठंड और बर्फबारी से पहले काम पूरा किया जा सके। शेष भारत के लिए जनगणना का संदर्भ समय 1 मार्च 2027 की आधी रात (00:00 बजे) होगा।
डिजिटल ट्रेनिंग और तैयारी
प्रशिक्षण का काम युद्ध स्तर पर जारी है। लगभग 30 लाख गणनाकर्ताओं (Enumerators) को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में मोबाइल ऐप चलाने और डेटा प्रविष्टि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 'सटीक डेटा, बेहतर कल' के विजन को डिजिटल माध्यम से साकार करना है।












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