CBSE Board Exam 2026: 10वीं-12वीं परीक्षा का बदलेगा स्वरूप, अब 3 भाषाएं-मैथ्स-साइंस के 2 लेवल होंगे अनिवार्य
CBSE Board Exam 2026: देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत नए सत्र 2026-27 से एक आधुनिक और कौशल-आधारित पाठ्यक्रम लागू करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर छात्रों में 'क्रिटिकल थिंकिंग' और तकनीकी कौशल विकसित करना है।
नए नियमों के तहत अब केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि आर्ट्स, स्पोर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों को भी मुख्यधारा की शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। इन सुधारों का सबसे बड़ा असर कक्षा 6वीं से लेकर 10वीं तक के छात्रों पर पड़ेगा, जिनके लिए परीक्षा पैटर्न से लेकर विषयों के चयन तक सब कुछ बदलने वाला है।

6वीं से लागू होगा 'थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला'
CBSE अब भाषा के स्तर पर बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नए सत्र से कक्षा 6वीं के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी।
- नियम: इन तीन में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होना अनिवार्य है।
- छूट: विदेशी छात्रों या विदेश से पढ़कर आने वाले उन छात्रों को इसमें छूट मिल सकती है, जिनके पास पुरानी भाषा का विकल्प उपलब्ध न हो।
नोट: फिलहाल 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा को अनिवार्य नहीं किया गया है। जो छात्र 2026 में 6वीं में प्रवेश लेंगे, वे 2031 की बोर्ड परीक्षा तक इस सिस्टम का पूर्ण हिस्सा बन जाएंगे।
मैथ्स और साइंस में 'एडवांस' विकल्प
गणित और विज्ञान के डर को कम करने और मेधावी छात्रों को मौका देने के लिए बोर्ड ने दो-स्तरीय (Two-level) परीक्षा प्रणाली शुरू की है:
- स्टैंडर्ड पेपर: यह सभी के लिए अनिवार्य होगा (80 अंक, 3 घंटे)।
- एडवांस पेपर: गहराई से अध्ययन करने के इच्छुक छात्र 25 अंकों का अलग से एडवांस पेपर दे सकेंगे (समय: 1 घंटा)।
- फायदा: यदि छात्र एडवांस पेपर में 50% या अधिक अंक लाता है, तो यह मार्कशीट में दर्ज होगा। हालांकि, इसे कुल अंकों (Total Marks) में नहीं जोड़ा जाएगा।
AI और कोडिंग अब अनिवार्य विषय
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए CBSE ने टेक्नोलॉजी पर फोकस बढ़ा दिया है:
- कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI: इन्हें 9वीं और 10वीं में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा।
- डेडलाइन: साल 2029 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 10वीं बोर्ड का एक अनिवार्य विषय बन जाएगा।
इसकी शुरुआत कक्षा 3 से 8 के स्तर पर पहले ही की जा चुकी है, जिसे अब सीनियर लेवल पर मजबूती दी जा रही है।
आर्ट्स, स्पोर्ट्स और वोकेशनल एजुकेशन पर जोर
अब केवल मैथ्स-साइंस ही नहीं, बल्कि छात्र के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा:
- अनिवार्य विषय: 9वीं और 10वीं में आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन और वोकेशनल एजुकेशन (व्यावसायिक शिक्षा) अनिवार्य होंगे।
- परीक्षा: फिलहाल खेल और कला की परीक्षा स्कूल स्तर पर होगी, लेकिन सत्र 2027-28 से वोकेशनल विषयों के लिए बोर्ड स्तर पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।
कब दिखेगा पहला असर?
CBSE के इस नए ढांचे के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों का पहला बैच साल 2028 में अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा देगा। बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से भारतीय छात्र वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और स्किल्ड बन सकेंगे।












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