प्रधानमंत्री आवास योजना में हजारों करोड़ का घोटाला, वधावन भइयों के खिलाफ एक और FIR
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जुड़े एक घोटाले का खुलासा किया। साथ ही कपिल और धीरज वधावन के खिलाफ मामला दर्ज किया। ये दोनों भाई देवास हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के प्रमोटर हैं और पहले से ही जेल में हैं। DHFL दिवालीय प्रक्रिया से गुजर रही है। पिछले कुछ महीनों से ईडी ने भी उस पर शिकंजा कसा है। इस कंपनी पर लोन के नाम पर घोटाले के आरोप लगे थे, जिसकी जांच की जा रही है।
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सीबीआई के मुताबिक कपिल और धीरज वधावन ने फर्जी होम लोन खाते बनाए। इसके बाद उसमें 11,755 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इन्हीं फर्जी खातों के आधार पर 1880 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी भारत सरकार से ली गई। सीबीआई ने अब इस घोटाले से जुड़ी कई कड़ियों को पकड़ लिया है। जिस वजह से वधावन भाइयों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया।
क्या है PMAY?
2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2015 में एक केंद्रीय योजना लॉन्च की, जिसका मकसद गरीबों को आवास सुविधा उपलब्ध करवानी थी। इस योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना नाम दिया गया। केंद्र सरकार के मुताबिक उनका लक्ष्य 2022 तक सभी बेघर लोगों को मकान उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत सरकार बेघर लोगों को घर बनावाकर देती है। वहीं जो लोग लोन लेकर घर या फ्लैट खरीदते हैं, उन्हें सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अलावा शहरी गरीबों को होम लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (CLSS) मिलती है।












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