कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम मुश्किल में फंसे! CBI ने दर्ज किया नया केस, जानें क्या है 16 साल पुरानी गुत्थी
Karti Chidambaram: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ( CBI) ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और भ्रष्टाचार से जुड़ा नया मामला दर्ज किया है। कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने सिकोइया कैपिटल मॉरीशस, एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) और बसंत हेल्थ केयर के साथ सह आरोपी बनाया है।
सीबीआई ने ये नया मामला 2008 में भारत में टैक्स फ्री शराब की बिक्री के लिए डियाजियो स्कॉटलैंड पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने में की गई कथित अनियमिताओं को लेकर दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कार्ति चिइंबरम पर क्या लगे हैं आरोप?

Karti Chidambaram पर जानें क्या लगे हैं आरोप?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की शुरूआती जांच में पता चला है कि सिकोइया कैपिटल मॉरीशस और एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (ASCPL) के साथ वसंत हेल्थ केयर के जरिए संदिग्ध लेन-देन हुई थी। जांच में खुलासा हुआ है कि वसंत समूह से सीधे शेयर खरीदने के बजाय एएससीपीएल के माध्यम से इसे खरीदा गया।
ऐसा कार्ति चिंदंबरम को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था। सीबीआई का आरोप है कि कार्ति चिदंबरम को कथित तौर पर 22.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बसंत ग्रुप के शेयरों का वास्तविक कीमत महज 30 लाख रुपये थी।
आरोप है कि डियाजियो स्कॉटलैंड और सिकोइया कैपिटल ने कार्ति पी. चिदंबरम और उनके करीबी सहयोगी एस. भास्कररमन से जुड़ी एक फर्म एएससीपीएल के साथ संदिग्ध लेन-देन की गई।
क्या है ये पूरा पुराना मामला?
- सीबीआई की ये जांच 2008 में भारत में डियाजियो स्कॉटलैंड की ड्यूटी-फ्री शराब की बिक्री पर प्रतिबंध को अवैध रूप से हटाने से जुड़े आरोपों से जुड़ी हुई है।
- दरअसल भारत में जॉनी वॉकर व्हिस्की आयात करने वाली मशहूर डियाजियो स्कॉटलैंड कंपनी 2005 में बड़े आरोप में फंस गई थी। आईटीडीसी (ITDC) ने डियाजियो पर ड्यूटी फ्री प्रोडक्ट बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था, इस प्रतिबंध के कारण भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इसके भारतीय बाजार संचालन का 70% हिस्सा प्रभावित हुआ।
- सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आईटीडीसी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को दरकिनार करने के लिए डियाजियो स्कॉटलैंड ने कार्ति चिदंबरम से मदद मांगी थी। इस मदद के बदले में एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएसपीएल) को कथित तौर पर 15,000 अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी गई थी। सीबीआई के अनुसार, इस रिश्वत को डियाजियो स्कॉटलैंड और एएसपीएल के बीच एक फर्जी अनुबंध के रूप में पेश किया गया था!Union Budget 2025: इस बार के केंद्रीय बजट में इन 5 बड़े ऐलानों पर सबकी नज़र, आम आदमी के लिए क्या होगा ख़ास?












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