जानिए कौन हैं जयंती नटराजन, जिनके घर सीबीआई ने मारा छापा
जयंती नटराजन को लेकर मोदी ने कहा था 'जयंती टैक्स', राजीव की रही थीं करीबी
नई दिल्ली। यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के चेन्नई स्थित घर पर सीबीआई ने छापा मारा है।मनमोहन सरकार में मंत्री रहीं जयंती के खिलाफ सेक्शन 120बी पीसी एक्ट के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई है। उन पर आपराधिक साजिश और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। जयंती पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की करीबी रही हैं, 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या हुई, उनकी हत्या से कुछ ही पल पहले नटराजन उनके साथ थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जयंती नटराजन तब चर्चा में आई थीं जब चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने उनका नाम का टैक्स होने की बात कहते हुए उन पर निशाना साधा था।

जयंती के दादा रहे तमिलनाडु के सीएम
तमिलनाडु में जन्मी 63 साल की जंयती के दादा एम. बक्थवत्सलम बड़े कांग्रेसी नेता थे और 1963 से 1967 के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे थे। जयंती कानून की पढ़ाई के बाद वकालत करने लगी थीं। उनकी राजनीति में एंट्री राजीव गांधी के वक्त हुई। राजीव गांधी को ही उन्हें राजनीति में लेकर आए थे और राज्यसभा में भेजा था। वे पहली बार 1986 में और फिर 1992 में राज्यसभा के लिए चुनीं गईं।
राजीव गांधी की मौत के बाद जयंती नटराजन की कांग्रेस नेतृत्व के साथ नहीं निभी और उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। 1997 में जी के मूपनार के नेतृत्व में तमिल मानिला कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा पहुंची। सोनिया गांधी के हाथ मे कांग्रेस की कमान आने के बाद एक बार फिर जंयती की कांग्रेस में वापसी हुई। 2008 में जयंती एक बार फिर राज्यसभा पहुंची। यूपीए 2 के शासन में वो पर्यावरण मंत्री बनीं। हालांकि यूपीए 2 के शासन के दौरान ही कांग्रेस नेतृत्व से उनके रिश्ते बिगड़ने लगे। उन्होंने पहले मंत्रीपद छोड़ा और फिर 2015 में कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया।
पीएम मोदी ने साधा था निशाना
2014 में जब मोदी भाजपा के चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए थे तो इस दौरान नरेन्द्र मोदी ने कटाक्ष किया था कि यूपीए सरकार में परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए 'जयंती टैक्स' लगता है। इस टैक्स को चुकाए बिना कोई भी परियोजना पास नहीं होती। इससे उनका इशारा जयंती नटराजन की ओर था।












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