अब सामने आया सीबीआई के कार्यवाहक डायरेक्टर नागेश्वर राव का लेटर बम
नई दिल्ली। सीबीआई के भीतर चल रही आंतरिक कलह के बीच जिस तरह से इसके शीर्ष दो अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया उसके बाद एम नागेश्वर राव को इसका कार्यवाहक डायरेक्टर बनाया गया है। राव ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी है, जिन्हे काफी तेज तर्रार पुलिस अधिकारी माना जाता है। लेकिन नागेश्वर राव का अगस्त माह में लिखा पत्र सामने आया है, जिसमे उन्होंने ओडिशा के आईपीएस कैडर पर सवाल खड़ा किया है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार केंद्र सरकार के गृह सचिव को अगस्त माह में राव ने जो पत्र लिखा है उसमे कहा है कि डायरेक्टर जनरल पद पर प्रमोट करने के लिए जो विशेषज्ञों की कमेटी बना गई है वह भेदभाव कर रही है।

अधिकारियों पर लगाया भेदभाव का आरोप
अपने साथी आईपीएस अधिकारियों पर राव ने आरोप लगाया था कि उनके साथ चालबाजी की जा रही है, लिहाजा ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारियों के सुझाव पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे डीजी के पद पर प्रमोट करने से पहले आईपीएस अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले सुझाव को समझने की जरूरत है। यही नहीं राव ने यह भी आरोप लगाया है कि बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश जौहर जोकि अधिकारियों के कार्यकाल की समीक्षा करने वाली विशेषज्ञ कमेटी के सदस्य हैं वह भी उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं।

पूर्वाग्रह से ग्रसित
जौहर सरदार पटेल पुलिस अकादमी में राव की ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षक थे। वह इस विशेषज्ञ कमेटी के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से एक हैं। राव ने अपने पत्र में लिखा है कि जौहर ने मेरे लिए पहले से ही पूर्वाग्रह बना लिया है, जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से प्रकट कर सकता हूं, लिहाजा मुझे इसे बताने का मौका दिया जाए। राव ने अगस्त माह में लिखे अपने पत्र में कहा है कि जौहर सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं लिहाजा वह मेरे बार में गलत प्रस्ताव दे सकते हैं।

1986 बैच के अधिकारी
गौरतलब है कि नागेश्वर राव 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें हाल ही में सीबीआई की कार्यवाहक डायरेक्टर बनाया गया है। आपको बता दें कि सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर कई संगीन आरोप लगाए थे, जिसके बाद सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को दो हफ्ते के भीतर जांच को पूरी करने का निर्देश दिया है।
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