'आपके परिवार से PM हुए, पहले ही करा लेते जाति जनगणना', क्रेडिट वॉर के बीच चिराग पासवान ने राहुल गांधी को धोया
Chirag Paswan On caste census Rahul gandhi: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला लिया है। अब सरकार आने वाली जनगणना में जातियों की गणना भी कराएगी। विपक्षी पार्टियां बहुत समय से जाति जनगणना कराने की मांग कर रही थी। ऐसे में मोदी सरकार के फैसले के बाद राहुल गांधी से लेकर तेजस्वी यादव तक, इसे फैसले का क्रेडिट ले रहे हैं। विपक्षी पार्टियों के बीच एक तरह से 'जाति जनगणना कराने का फैसला क्यों लिया गया' इसको लेकर क्रेडिट वॉर छिड़ गई है। अब इसी क्रेडिट वॉर को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "आज राहुल गांधी इसका श्रेय (क्रेडिट) लेना चाहते हैं, कह रहे हैं कि मेरे दबाव में ऐसा हुआ, आपकी पार्टी की सरकार लंबे समय तक केंद्र में रही, पार्टी को छोड़िए, आपके परिवार से तीन प्रधानमंत्री हुए हैं, अगर आप देश में जाति आधारित जनगणना इतनी ही चाहते थे, तो आपको इसे पहले ही करा लेना चाहिए था। लेकिन आपने इसे राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया और सिर्फ लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम किया।''

क्या बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर लिया गया जाति जनगणना का फैसला? चिराग पासवान ने दिया जवाब
चिराग पासवान ने आगे कहा,
''आज हमारी सरकार ने इस मांग को पूरा किया है। मेरे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) सही समय पर सही फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। विपक्ष कह रहा है कि हमने बिहार चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है, लेकिन अगर यह फैसला चुनाव के नजरिए से लेना होता, तो हम यह फैसला लोकसभा चुनाव से पहले ले लेते।''
चिराग पासवान ने बताया जाति जनगणना क्यों जरूरी था?
लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान अगली जनगणना में जाति की गणना को शामिल करने के केंद्र के फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और कहा कि समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए यह जरूरी था। नई दिल्ली में गुरुवार 01 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिराग पासवान ने कहा, एनडीए सरकार द्वारा लिया गया फैसला भीमराव अंबेडकर के सपनों को पूरा करेगा। यह इस समय की मांग थी।
चिराग पासवान ने कहा कि इससे समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी, जिन्हें सरकारी योजनाओं या आरक्षण नीति का कोई लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि यह फैसला सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, "केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में इसे करने की इच्छाशक्ति थी।"
चिराग पासवान ने कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना में किए गए जाति सर्वेक्षणों को अपारदर्शी और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि मोदी सरकार ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए अगली जनगणना में जाति गणना को शामिल करने का फैसला किया है।












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