रायपुर: मंदिर में दान के लिए लगी कार्ड स्वाइप मशीन
500 और 1,000 के नोटों पर बैन लगने के बाद मंदिर प्रशासन ने पुराने नोटों को लेने से इंकार कर दिया है। इसके लिए मंदिर कैशलेस अर्थव्यवस्था को अपना रहे हैं।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद देश में कैशलेस सिस्टम को लेकर जहां बहस छिड़ी है, वहीं मंदिरों ने इस सिस्टम के लिए कमर भी कस ली है।

छत्तीसगढ़ में रायपुर के बंजारी मंदिर में दान-पात्र के पास मंदिर प्रशासन ने कार्ड स्वाइप मशीन रखी है ताकि दान-पात्र में लोग कार्ड के माध्यम से चंदा दे सकें।
गौरतलब है कि 500 और 1,000 के नोटों पर बैन लगने के बाद मंदिरों में भी मंदिर प्रशासन ने पुराने नोटों को लेने से इंकार कर दिया है। इसके लिए मंदिर भी कैशलेस अर्थव्यवस्था को अपना रहे हैं।
यूपी के मथुरा में भी वृंदावन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैनर लगवाएं हैं, जिनपर लिखा है कि श्रद्धालु 500 और 1000 के नोट दान-पात्र में ना डालें।
महाराष्ट्र में मंदिरों की दानपेटियां सील
हैदराबाद स्थित तिरुपति और तिरुमाला में भी मंदिरों प्रशासन ने दान-पात्र के पास डेबिट और क्रेडिट कार्ड मशीन की व्यवस्था कर रखी है ताकि लोगों को दिक्कत ना हो।
इससे पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र में मंदिरों की दानपेटियों सील कर दी गई हैं। कालेधन पर लगाम लगाने के मकसद से मराठवाड़ा के 8 जिलों के मंदिरों में दानपेटी सील कर दी गई।
ये दानपेटियां 30 दिसंबर तक सील रहेंगी। टीवी रिपोर्ट्स की मानें तो जो लोग छापेमारी से डर गए हैं वो अपना काला पैसा मंदिर की दानपेटियों में डाल दे रहे हैं।












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