#TrudeauInIndia: पंजाब के सीएम अमरिंदर ने गर्मजोशी के साथ की कनैडियन पीएम से मुलाकात
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रड्यू ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले ट्रड्यू पूरे परिवार समेत स्वर्ण मंदिर भी गए और यहां पर मत्था टेका। ट्रड्यू की मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली और दोनों नेता होटल ताज स्वर्ण में मिले।
अमृतसर। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रड्यू ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले ट्रड्यू पूरे परिवार समेत स्वर्ण मंदिर भी गए और यहां पर मत्था टेका। ट्रड्यू की मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली और दोनों नेता होटल ताज स्वर्ण में मिले। कैप्टन अमरिंदर इस मुलाकात के लिए चंडीगढ़ से अमृतसर पहुंचे थे। आपको बता दें कि पहले इन दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं होने वाली थी। लेकिन बाद में ट्रड्यू की ओर से कनैडियन उच्चायोग को कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात के लिए कहा गया। इसके बाद इन दोनों की मुलाकात का कार्यक्रम तैयार किया गया। सोमवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की जानकारी देने वाला ट्वीट किया था।

20 मिनट की मीटिंग
ट्रड्यू और अमरिंदर की मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली और इस मुलाकात के दौरान ट्रड्यू कैबिनेट के छह मंत्री भी शामिल थे। इन मंत्रियों में डिफेंस मिनिस्टर हरजीत सिंह सज्जन भी शामिल थे। आपको बता दें कि सज्जन और ट्रड्यू कैबिनेट के कुछ मंत्रियों पर अमरिंदर ने खालिस्तानी आतंकियों का समर्थक होने का आरोप लगाया था। अमरिंदर ने ट्रड्यू से मुलाकात के अलावा सज्जन समेत बाकी छह मंत्रियों से भी चर्चा की।

संबंधों को मजबूत बनाएगी मुलाकात
मुलाकात से पहले अमरिंदर ने फिर ट्वीट किया और लिखा कि वह इस मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं। अमरिंदर ने इस मुलाकात को भारत और कनाडा के बीच संबंधों को मजबूत करने वाला बताया। ट्रड्यू मुलाकात के बाद भारत-पाकिस्तान के बंटवारे पर आधारित एक संग्रहालय भी गए और फिर 1:15 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

स्वर्ण मंदिर भी गए ट्रड्यू
कनाडा के पीएम ने अमृतसर पहुंचने पर सबसे पहले स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए। वह अपने पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे और मत्था टेका। ट्रड्यू ने यहां विजिटर बुक में स्वर्ण मंदिर को , 'खूबसूरत और अर्थपूर्ण' करार दिया। उन्होंने यहां पर लंगर में सेवा दी और इसके बारे में लिखा, 'एक खूबसूरत और अर्थपूर्ण जगह पर आकर काफी सम्मानित महससू कर रहा हूं। हम सभी सौम्यता और मानवता से खुद को परिपूर्ण हुआ महसूस कर रहे हैं।' स्वर्ण मंदिर में ट्रड्यू के आने से कनाडा में बसे पांच लाख सिखों को काफी खुशी मिलेगी।

क्या हुआ था सन् 1914 में
सन् 1914 में कनाडा ने पंजाब से आ रहे 376 यात्रियों को जापानी जहाज कोमागाता मारू पर चढ़ने से मना कर दिया था। इन यात्रियों में सिखों की संख्या सबसे ज्यादा थी। यह जहाज हांगकांग से होता हुआ कनाडा के वैंकुवर जा रहा था। इसकी वजह से इन यात्रियों को ब्रिटिश कब्जे वाले भारत तें वापस लौटना पड़ा था। इस वर्ष इस घटना की 102वीं सालगिरह है और इस जहाज के कई यात्री तब से कनाडा में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। ट्रड्यू ने एक माह पहले इस घटना के लिए माफी भी मांगी है।












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