भारत की दवा कंपनी Zydus Cadila को मैक्सिको से मिली मंजूरी, शुरू किया गया कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

भारत की फॉर्मास्युटिकल कंपनी Zydus Cadila ने शुरू किया कोरोना वैक्सीन पर ट्रायल, जानें पूरा तरीका

नई दिल्‍ली। कोरोनावायरस की वैक्‍सीन तैयार कर लेने का दावा कई देश कर रहे हैं। इस प्रतिस्‍पर्धा में अमेरिका, रुस समेत अन्‍य कई देशों के साथ भारत भी शामिल है सभी देशों में अभी ट्रायल ही चल रहा है। इसी बीच एक अच्‍छी खबर ये है कि भारत की जानी मानी फॉर्मास्युटिकल कंपनी Zydus Cadila ने कोरोना वैक्सीन के लिए फेज 1 और 2 का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है। दवा बनाने वाली इस भारतीय कंपनी को डीसीजीआई की मंजूरी मिल गई है।

1048 लोगों पर कोरोना वैक्सीन का किया जाएगा ट्रायल

1048 लोगों पर कोरोना वैक्सीन का किया जाएगा ट्रायल

कंपनी ने इस बात की सूचना देते हुए बताया कि कोविड-19 के इलाज के लिये अपनी जैविक चिकित्सा "पेगाइलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा -2 बी" के क्लीनिकल परीक्षण के लिये मैक्सिको के नियामक प्राधिकरण कोफेप्रिस की मंजूरी मिल गयी है। कंपनी 1048 लोगों पर कोरोना वैक्सीन को लेकर टेस्‍ट कर रही है। क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री इंडिया (CTRI) ने कहा कि यह क्लिनिकल स्टडी दो आधार पर की जा रही है जिसमें पहला इन्क्लूजन और दूसरा एक्सक्लूजन पर आधारित है।

इस आयुवर्ग के लोगों पर किया जाएगा परीक्षण

इस आयुवर्ग के लोगों पर किया जाएगा परीक्षण

कंपनी ने बताया कि कंपनी को वॉलेन्टियर से हर तरह के ट्रायल की पहले मंजूरी लेनी होती है। इस वैक्‍सीन के पहले फेज के लिए कंपनी ने 18 से 55 वर्ष की स्‍वस्‍थ्‍य महिलाओं और पुरुषों का चयन किया है यह वालेन्टियर किसी भी तरह के टेस्‍ट के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं फेज दो के लिए स्‍वस्‍थ्‍य किशोर जिनकी उम्र 12 वर्ष से अधिक है उनका सलेक्‍शन किया गया है।

इन बातों का रखा जाता है खास ख्‍याल

इन बातों का रखा जाता है खास ख्‍याल

कंपनी ने बताया कि टेस्‍ट के चरण को भी दो भागों में बांटा जाता है। जिसमें पहले चरण में वॉलेन्टियर को पूर्ण रुप से स्‍वस्‍थ्‍य रखा जाता है और चार सप्‍ताह के अंतरात पर 100 डिग्री से अधिक बुखार नहीं आना चाहिए वहीं इस दौरान उसे किसी तरह का संक्रमण नहीं होना चाहिए। इसके अलावा अन्‍य कई टेस्‍ट के आधार हैं।ट्रायल के दौरान ये चे‍क किया जाता हैं वैक्‍सीन के लगने के बाद व्‍यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा वैक्‍सीन से व्‍यक्ति में संक्रमण से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कितनी मजबूत हो रही है।

Zydus कोरोना की इस दवा का भी कर रही ट्रायल

Zydus कोरोना की इस दवा का भी कर रही ट्रायल

Zydus ने पहले COVID-19 के लिए Pegylated Interferon Alpha-2b की भूमिका की जांच के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से संपर्क किया था और अब परीक्षण चल रहे हैं। बता दें इस महीने की शुरुआत में जायडस कैडिला को मेक्सिको की सरकार के कोफेप्रिस ने Desidustat के टेस्ट की अनुमति मिली थी। यह दवा कोरोना के इलाज के लिए कंपनी की सबसे अहम दवा है, जिसका कंपनी की ओर से दावा किया गया है। मेक्सिको के मोंटेरी में कोविड-19 के इलाज के लिए Desidustat को अवांत सैंटे रिसर्च सेंटर में क्लीनिकली विकसित किया गया है कंपनी की ओर से फेज 2बी, मल्टिसेंटर, ओपेन लेबल, रैंडमाइज्ड, कंप्रेटर कंट्रोल शोध किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह दवा कितनी कारगर है।

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