CAA: मुस्लिमों ने यहां वर्षों राज किया, फिर क्यों हमसे पेपर मांगे जा रहे हैं: अकबरुद्दीन ओवैसी
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हैदराबाद। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, कहीं पर प्रदर्शन ने काफी उग्र रूप धारण कर लिया है, इस मुद्दे पर सियासत भी गर्मा गई है, ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि मुसलमानों को किसी भी तरह के कागजात दिखाने की जरूरत नहीं है मंगलवार को तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जूनियर ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों के पूर्वजों ने यहां कई वर्षों तक राज किया है, फिर आज उनसे दस्तावेज क्यों मांगे जा रहे हैं?

अकबरुद्दीन ने कहा कि यहां के चप्पे-चप्पे पर हमारे पूर्वजों की निशानियां मौजूद हैं, चारमिनार, मक्का मस्जिद, जामा मस्जिद और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक इमारतें मुगलों की ही देन है, यहां तक कि जिस लालकिला पर प्रधानमंत्री 15 अगस्त को झंडा फहराते हैं, वह भी उनके पूर्वजों ने बनवाया है, ऐसे में मुसलमानों को किसी भी तरह के कागजात दिखाने की जरूरत कहां से आ गई।
'ये मुल्क मेरा था, मेरा है और रहेगा'
उन्होंने साफ कहा कि वे किसी तरह के पेपर प्रशासन को न दिखाएं, 'ये मुल्क मेरा था, मेरा है और रहेगा', कोई भी हमें यहां से निकाल नहीं सकता है। गौरतलब है कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने इससे पहले भी नागरिकता कानून के खिलाफ कई बार बयान दिया है, वो तो कानून के विरोध में सुप्रीम कोर्ट भी जा चुके हैं, हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह पर भी बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि नागरिक संशोधन कानून (सीएए) लागू कर सरकार देश के अंदर फूट डालना चाहती है, ये संविधान के खिलाफ है।












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