BYJU Raveendran: अरबों की संपत्ति के मालिक उद्यमी, ऑनलाइन एजुकेशन की शीर्ष संस्था- बायजू के प्रमुख को जानिए
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म BYJU के सीईओ बायजू रवींद्रन के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी हुई। BYJU Raveendran की कुल संपत्ति 1.4 बिलियन डॉलर है। जानिए बायजू के प्रमुख के बारे में कुछ रोचक बातें

एडटेक प्लेटफॉर्म बायजू के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी सुर्खियों में है। ईडी की छापेमारी के बीच बायजू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बायजू रवींद्रन के बारे में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
गूगल पर रवींद्रन के बारे में जानकारी सर्च की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बायजू रवींद्रन 1.4 बिलियन डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं। रवींद्रन की कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड है। इसी के तहत बायजू का संचालन होता है।
टेक्नोलॉजी से एजुकेशन पहुंचाने वाले स्टार्टअप में अग्रणी- बायजू के फाउंडर रविंद्रन का जन्म केरल के कन्नूर में एक गांव में हुआ। रविंद्रन खुद भी एक टीचर रहे हैं जिन्होंने बाद में एंटरप्रेन्योर और बनने का संकल्प लिया।
Recommended Video
इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन करने वाले रविंद्रन अपने दोस्तों को गणित पढ़ाया करते थे। दोस्तों के अलावा भी जो लोग गणित सीखना चाहते थे, वे बच्चे भी रविंद्रन के पास आते थे। शिपिंग कंपनी में कुछ समय गुजारने के बाद उन्होंने स्टूडेंट्स को एंट्रेंस एग्जाम की तैयारियां करानी शुरू की थी।
देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी (CAT) जैसी कठिन परीक्षा के लिए भी इन्होंने लोगों को तैयारियां कराईं। 2003 में इन्होंने खुद भी CAT की परीक्षा दी और परीक्षा के लिए कोई खास तैयारी नहीं होने के बावजूद 100 फीसद स्कोर किया।
कुछ और बच्चों को CAT क्रैक करने में मदद करने वाले बायजू के फाउंडर रविंद्रन ने दो साल के बाद टीचिंग को फुल टाइम जॉब बनाने का फैसला लिया। इसके बाद बड़े ऑडिटोरियम में सैकड़ों बच्चों को एक साथ पढ़ाने लगे। रविंद्रन सेटेलाइट कम्युनिकेशन की मदद से क्लास लिया करते थे।
करीब 12 साल पहले थिंक एंड लर्न की स्थापना (2011 में) करने वाले 22 रविंद्रन ऑनलाइन लेसन मुहैया कराते थे। 2015 में उन्होंने ऐप लॉन्च किया और 3 साल के बाद उन्होंने ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये सम्मान स्टार्ट अप कैटेगरी में दिया जाता है।
रविंद्रन का स्टार्टअप BYJU फ्रीमियम (Freemium) मॉडल पर चलता है। इस मोबाइल एप्लीकेशन का यूज करने वाले बच्चों को आईआईटी-जेईई, एनईईटी, CAT और सबसे कठिन मानी जाने वाले एग्जाम- सिविल सेवा परीक्षा यानी IAS की तैयारी करने में मदद मिलती है।
BYJU के बढ़ते कद का अंदाजा इसी से होता है कि इससे जुड़े प्रोफेशनल्स इंटरनेशनल परीक्षाओं की तैयारियां भी कराते हैं। इसमें जीआरपी और GMAT की परीक्षाएं भी शामिल हैं। जुलाई 2019 में BYJU इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी के अधिकार खरीदे।
इसके बाद कंपनी को बेशुमार दौलत मिली। शुरुआत के 12 साल के बाद बायजू दुनिया के सबसे सफल एडु टेक स्टार्टअप में शामिल हो चुकी है। इसके 33 मिलियन यूजर्स हैं, जबकि 2.2 मिलियन सब्सक्राइबर ऐसे हैं जो प्लान के मुताबिक भुगतान करने के बाद सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।
जुलाई 2019 के डाटा के अनुसार 1 साल में इस कंपनी की वैल्यूएशन में 4 गुना बढ़ोतरी हुई। इसके बाद बायजू 5 सबसे मूल्यवान इंटरनेट कंपनियों में एक बन गई। इस यूनिकॉर्न कंपनी की वर्तमान वैल्यू 3.6 बिलियन से अधिक है।
बायजू एप हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में स्टडी का विषय भी बन चुका है। कॉरपोरेट एक्सीलेंस के लिए इसे बिजनेस स्टैंडर्ड एनुअल अवॉर्ड भी मिल चुका है।












Click it and Unblock the Notifications