Business Summit: असम में फरवरी में होगा बिजनेस समिट, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
Assam Business Summit: असम अगले साल फरवरी में दो दिवसीय बिजनेस समिट की मेजबानी करेगा। इस बात की जानकारी खुद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार 24 नवंबर को दी। उन्होंने कहा कि बिजनेस समिट का फोकस निवेश आकर्षित करने और राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास पर होगा।
असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को 'एडवांटेज असम 2.0 - वैश्विक बुनियादी ढांचा और निवेशक शिखर सम्मेलन' का उद्घाटन करेंगे। समापन सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान सीएम सरमा ने मीडिया से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि हमने 2018 में पहला 'एडवांटेज असम' निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किया था, जिसके परिणामस्वरूप 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौते हुए थे। लेकिन कोविड महामारी के कारण हम कोई अनुवर्ती बैठक आयोजित नहीं कर सके, भले ही राज्य निवेश आकर्षित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि सुशासन और शांति ने राज्य को निवेश गंतव्य के रूप में उभरने में योगदान दिया है। सरमा ने कहा, 'इसी को आगे बढ़ाते हुए हम फरवरी में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। पीएम ने पहले ही हमारा निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और हमें उम्मीद है कि वित्त मंत्री भी अपनी सहमति देंगी, हालांकि अभी तक हमारी उनसे औपचारिक मुलाकात नहीं हुई है।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिखर सम्मेलन का फोकस बुनियादी ढांचे और निवेश पर समान रूप से रहेगा। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क, रेलवे नेटवर्क, नागरिक उड्डयन और कृषि बुनियादी ढांचे सहित अन्य विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित क्षेत्रों के केंद्रीय मंत्रियों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक पार्क और हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। सरमा ने कहा कि इस आयोजन को प्रदर्शित करने और इसमें भागीदारी के लिए आमंत्रण देने हेतु तीन प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे जाएंगे, जिनमें से एक दल सिंगापुर और जापान का दौरा करेगा तथा एक-एक दल अमेरिका और ब्रिटेन का दौरा करेगा।
उन्होंने कहा कि इनमें से एक टीम दुंबई का भी दौरा करेगी। सीएम ने कहा कि छह शहरों- मुंबई, नई दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद में सीमित और थीम-उन्मुख रोड शो आयोजित किए जाएंगे। सरमा ने कहा कि शिखर सम्मेलन से पहले एक और टीम भूटान का दौरा भी करेगी।
क्योंकि, तकनीकी कार्यशालाओं में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पड़ोसी देश से बहने वाले पानी का इस्तेमाल राज्य में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "हम भूटान से निवेश की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम उनके प्राकृतिक संसाधनों का लाभकारी तरीके से उपयोग करना चाहते हैं।"












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