• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बुलंदशहर हिंसा: आरोपी की जमानत पर शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी बोलीं- एक दिन ये लोग मुझे भी मार देंगे

|

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर में गोकशी के बाद हुई हिंसा के आरोपी योगेश राज की जमानत अर्जी बुधवार को मंजूर कर ली। बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। बजरंग दल का स्थानीय नेता योगेश राज उन लोगों में शामिल था, जिन्होंने महाव गांव में मवेशी का शव मिलने के बाद भड़की हिंसा के दौरान भीड़ को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को मारने के लिए उकसाया था। योगोश की जमानत मिलने के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जाहिर की है।

इस न्याय प्रणाली से मैं बहुत नाराज हूं

इस न्याय प्रणाली से मैं बहुत नाराज हूं

एनडीटीवी से बात करते हुए मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह ने कहा कि, 'इस न्याय प्रणाली से मैं बहुत नाराज हूं। अगर इन्हें (पति) न्याय नहीं मिलेगा तो फिर किसे मिलेगा? मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है।अगर देश के लिए जान देने वालों के लिए यह कुछ नहीं कर सकते तो फिर किसके लिए करेंगे? मुझे लगता है कि ये न्याय प्रणाली केवल उनके लिए है जो ताकतवर हैं।

 मुझे ऐसा लगता है कि ये लोग एक दिन मुझे ही मार डालेंगे: रजनी सिंह

मुझे ऐसा लगता है कि ये लोग एक दिन मुझे ही मार डालेंगे: रजनी सिंह

उन्होंने राजनीतिक दल पर निशाना साधते हुए कहा कि, अब एक सिस्टम बन गया है, ये (आरोपी) अपने दल के प्रमुख के पास जाएंगे, उनके पैर चाटेंगे और वो दल के प्रमुख इनकी दलाली करेंगे। अब सिर्फ यही हो रहा है। न्याय प्रणाली में अब कुछ रह ही नहीं गया है। रजनी ने कहा, 'इस पूरे मामले पर कोई कुछ नहीं कर रहा है। मुझे ऐसा लगता है कि ये लोग एक दिन मुझे ही मार डालेंगे। ये अच्छा रहेगा? ना कोई कहने वाला होगा और ना कोई सुनने वाला होगा। मुझे भी मार दीजिये आज।

एनएसए लगे व्यक्ति को दो महीने में कैसे मिल गई जमानत

एनएसए लगे व्यक्ति को दो महीने में कैसे मिल गई जमानत

रजनी सिंह ने कहा, 'मैंने आमतौ पर देखा है कि जिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगता है, उसे एक साल से पहले जमानत नहीं मिलती है। आरोपी पर अप्रैल में एनएसए लगा था लेकिन उसे दो महीने में जमानत मिल गई। उन्होंने कहा, 'मुझे ये समझ नहीं आ रहा है कि ये लोग दोषी कहां पर नहीं हैं। अगर योगेश राज और शिखर अग्रवाल इस दंगे को इतनी प्रमुखता नहीं देते तो शायद मेरे घर का प्रमुख मेरे साथ होता।

फोन टैपिंग केस: बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार के आवास पर CBI का छापा

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
bulandshahr violence Martyr Inspector's wife rajni singh says one day these people will kill me too
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X