'तो राजनीति से दे दूंगा इस्तीफा...', लोकसभा में अजय मिश्रा टेनी ने क्यों दिया ये बयान?
नई दिल्ली, 28 मार्च: संसद में 'द क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) बिल, 2022' पर बोलते हुए गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नही हैं। टेनी सोमवार को लोकसभा में जब इस बिल पर बोल रहे थे तो इस दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने लखीमपुर खीरी में किसानों पर जीप चढ़ाए जाने के मामले की ओर इशारा करते हुए उनको टोका। इस पर केंद्रीय मंत्री टेनी ने उनको जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई केस वो बता दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

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अजय मिश्रा टेनी ने कहा, मैं अधीर रंजन चौधरी को बताना चाहता हूं कि मैंने 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। अगर मेरे खिलाफ एक भी केस हो और एक मिनट के लिए भी मैं थाने और जेल में गया हूं। इसे आप साबित कर देंगे तो मैं अभी राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
सोमवार को संसद में पेश किया गया 'द क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) बिल, 2022' (आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक) में पुलिस को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसमें पुलिस को किसी अपराध के मामले में गिरफ्तार और दोषसिद्ध अपराधियों का रिकार्ड रखने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है।
बिल पर बोलते हुए अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि कैदियों की पहचान अधिनियम 1920 में बनाया गया था। इस कानून को 102 साल हो गए हैं। अधिनियम में केवल उंगलियों के निशान और पैरों के निशान के संग्रह का प्रावधान है। दुनिया में तकनीकी और वैज्ञानिक परिवर्तन हुए हैं, अपराध और इसकी प्रवृत्ति बढ़ी है इसलिए हम आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 लाए हैं। यह विधेयक ना केवल जांच एजेंसियों की मदद करेगा बल्कि कोर्ट में मामला साबित करने में भी मददगार होगा।












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