Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Budget 2021: किसको फायदा मिला और कौन घाटे में रहेगा? जानिए

Union budget 2021:कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह से मंदी की मार झेलकर उबरने की कोशिश में जुटी भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने वाला बजट पेश करना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए शायद इस सदी का अबतक का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य था। फिर भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर-कंस्ट्रक्शन और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए जो फंड आवंटित किए हैं, उसे फिलहाल बाजार ने खूब सराहा है। हालांकि, फिर भी कुछ सेक्टर को उनकी उम्मीदों के मुताबिक पूरा नहीं मिला होगा तो वह उपेक्षित महसूस कर सकते हैं। आइए देखते हैं कि इसबार के बजट से कौन ज्यादा फायदे में रहा है और किसके लिए यह फायदे का सौदा नहीं माना जा रहा है?

किसको फायदा मिला ? हेल्थकेयर

किसको फायदा मिला ? हेल्थकेयर

इसबार के बजट में सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य और उनकी सलामती पर बहुत ज्यादा फोकस किया है और इसे आत्मनिर्भर भारत के 6 महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना है। इस साल इस सेक्टर के बजट में 137 फीसदी का इजाफा करते हुए इसके लिए 2,23,846 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने का प्रस्ताव है, जो कि चालू वित्त वर्ष में महज 94,452 करोड़ रुपये था। यही नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman)ने अगले वित्त वर्ष में कोविड-19 वैक्सीन के लिए भी 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
इसबार के बजट में 6 वर्षों के लिए 64,180 करोड़ रुपये की लागत वाली नई स्कीम 'प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत स्वस्थ भारत योजना' (Prime Minister Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana) भी लॉन्च की गई है। इस योजना के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर(HWC) को सहायता, सभी जिलों में पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी बनाने के साथ-साथ अस्पतलों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल(NCDC) को मजबूत किया जाएगा।

किसको फायदा मिला ? रियल एस्टेट

किसको फायदा मिला ? रियल एस्टेट

रियल एस्टेट सेक्टर इस बजट से काफी उम्मीद लगाए बैठा था, उनकी उम्मीदें पूरी होने के आसार हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए फंड उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी से एक नए डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI)बनाने का ऐलान किया है। इस प्रयास से इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी संस्थाओं को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। यही नहीं सरकार ने किफायती घर (affordable houses) खरीदने पर मिलने वाली छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक इसके तहत होम लोन पर मिलने वाले 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट अब अगले साल 31, मार्च तक जारी रहेगी।

किसको फायदा मिला ? धातु/ एल्युमीनियम कंपनियां

किसको फायदा मिला ? धातु/ एल्युमीनियम कंपनियां

केंद्र सरकार ने साल 2021-22 के बजट में पुरानी गाड़ियों को सड़कों से हटाने के लिए'स्क्रैप पॉलिसी'का ऐलान किया है। धातु कंपनियां लंबे समय से इसका इंतजार कर रही थीं। अब 20 साल से पुराने निजी वाहनों और 15 साल से पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चलाने के लिए फिटनेस टेस्ट पास करने की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा सरकार ने 11,000 किलोमीटर अतिरिक्त हाइवे बनाने और 27 शहरों में मेट्रो और रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट पर जोर देने की भी घोषणा की है, जिससे स्टील और एल्युमीनियम की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

किसको फायदा मिला ? इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन

किसको फायदा मिला ? इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन

हाइवे सेक्टर के विस्तार के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा है कि मार्च, 2022 तक 8,500 किलोमीटर हाइवे निर्माण पर काम शुरू होगा और इसके अतिरिक्त 11,000 किलोमीटर का काम पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि 5.35 लाख करोड़ के 'भारतमाला' प्रोजेक्ट में 3,800 किलोमीटर में निर्माण का काम पूरा हो चुका है और 3.3 लाख करोड़ की लागत वाले 13,000 किलोमीटर पर पहले ही काम चल रहा है। इसबार के बजट में इस सेक्टर में सबसे ज्यादा नजर चुनाव वाले चार राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम पर डाली गई है।

किसको फायदा मिला ? सरकारी बैंक और बीमा कंपनी

किसको फायदा मिला ? सरकारी बैंक और बीमा कंपनी

बजट में बीमा सेक्टर में एफडीआई को 49% से 74% बढ़ाने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के रिकैप्टिलाइजेशन और प्राइवेटाइजेशन की घोषणा करते ही बैंकों, नॉनबैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के शेयरों में काफी उछाल आ गया। वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये लगाने की भी बात कही है। यही नहीं उन्होंने बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट को निपटाने के लिए एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी और एसेट मैनेजमेंट कंपनी गठित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

किसको फायदा मिला ? कृषि और किसान

किसको फायदा मिला ? कृषि और किसान

वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र को 16 लाख 50 हजार करोड़ रुपये कर्ज देने का लक्ष्य रखा है, जो कि चालू वित्त वर्ष के 15 लाख करोड़ से 1.5 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने एग्रिकल्टर प्रोड्यूस एवं लाइवस्टॉक मार्केट कमेटी (APMCs)के प्रति भी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने राज्य-नियंत्रित मंडियों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में से 1 लाख करोड़ रुपये के इस्तेमाल की अनुमति देने की भी घोषणा की है। इससे प्रदर्शन कर रहे किसानों तक ये संदेश भेजने की कोशिश है कि नए कृषि कानूनों के माध्यम से मंडियों को खत्म नहीं किया जा रहा है, बल्कि उनके बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने को लेकर केंद्र सरकार का इरादा मजबूत है। इसी तरह से वित्त मंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)को भी डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए बजट में इस बार 75,100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

किसे होगा नुकसान? इंपोर्टर

किसे होगा नुकसान? इंपोर्टर

इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र के मुताबिक ढालने की कोशिश की गई है। इसी वजह से सोलर और मोबाइल फोन से जुड़े पार्ट्स और उपकरणों और ऑटो पार्ट्स पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने मदरबोर्ड, कैमरा मॉड्यूल,कनेक्टर्स, लिथियम आयन बैटरी बनाने वाले पार्ट और बैटरी पैक पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। यही नहीं रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर के कंप्रेशर पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है। जाहिर है कि इस क्षेत्र में आयात में लगी कंपनियों को इससे नुकसान होगा।

किसे होगा नुकसान? बॉन्डस्

किसे होगा नुकसान? बॉन्डस्

इस बजट में उम्मीद से कहीं ज्यादा यानी 164 अरब डॉलर उधार लेने की योजना बताई गई है, जिससे भारतीय सॉवरेन बॉन्ड्स (India's sovereign bonds) को झटका लगेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक घोषणा के बाद इसमें गिरावट देखी गई।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+