स्कूल टीचर के तौर पर मायावती ने शुरू किया था अपना करियर, ऐसे तय हुआ यूपी की सीएम तक का सफर
मायावती ने स्कूल टीचर से शुरू किया था करियर, KBC में पूछे गए सवाल के बाद बसपा सुप्रीमो फिर चर्चा में
नई दिल्ली, 07 सितंबर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती एक बार फिर से अपनी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती को लेकर हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति-13 (केबीसी) में एक सवाल किया गया था। केबीसी में पूछा गया था, ''इसमें से किस राजनेता ने अपना करियर स्कूल शिक्षिका के रूप में शुरू किया?' जिसका सही जवाब था- मायावती। ये सवाल 6 लाख 40 हजार का था। केबीसी में सवाल पूछे जाने के बाद से मायावती के करियर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। राजनीति में आने से मायावती एक स्कूल में शिक्षिका थीं। आइए जानें मायावती के जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें

मायावती ने कहां तक की है पढ़ाई?
-मायावती का जन्म 25 जनवरी 1956 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रभु दास थे, जो गौतम बुद्ध नगर में एक डाकघर में कर्मचारी थे। मायावती 6 भाई और 2 बहनें हैं। मायावती "बहन जी" के नाम से मशहूर हैं।
-मायावती ने 1975 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से ग्रेजुऐशन की हैं। 1976 में मायावती ने मेरठ विश्वविद्यालय से बीएड और 1983 में दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री ली हैं।

राजनीति में आने से दिल्ली के स्कूल में टीचर थीं मायावती ( Mayawati was teacher )
- राजनीति में आने से पहले मायावती दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षिका थीं। स्कूल में पढ़ाने के अलावा मायावती भारतीय प्रशासनिक सेवा के परीक्षाओं के लिए तैयार भी करती थीं।
-1977 में कांशीराम के संपर्क में आने के बाद मायावती ने फैसला किया कि वह अब एक राजनेता बनेंगी। मायावती कांशीराम के संरक्षण के अंदर उस समय उनकी कोर टीम का अहम हिस्सा थीं।

1984 में मायावती ने छोड़ी शिक्षिका की नौकरी
-1984 में मायावती ने शिक्षिका की नौकरी छोड़ दी थी। इसी साल 1984 में बसपा की स्थापना हुई और मायावती बसपा की पूर्णकालिक सदस्य बन गईं।
-1989 में मायावती ने नौंवा आम चुनाव जीता और बिजनौर लोकसभा के सीट पर जीत हासिल कर पहली बार सांसद बनीं।
-मायवती 1994 में उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुईं।

1995 में पहली बार UP की सीएम बनीं मायावती
- मायावती 1995 में उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। 1996 से 1998 तक मायावती विधायक रहीं।
-21 मार्च 1997 को दूसरी बार मायावती यूपी की मुख्यमंत्री बनीं। उनका कार्यकाल 20 सितंबर 1997 तक था।
-मायावती तीसरी बार सीएम 3 मई 2002 को बनीं और 26 अगस्त 2003 तक रहीं।
- चौथी बार मायावती सीएम 13 मई 2007 को बनीं और 6 मार्च 2012 तक रहीं।

2003 में मायावती बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं
- कांशीराम ने 2001 में मायावती को बसपा की कमान सौंपी। 2003 में मायावती बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।
- मायावती 1998 में 12वीं लोकसभा चुनाव में जीतीं और उत्तर प्रदेश की अकबरपुर सीट से सांसद बनीं।
-1999 में मायावती 13वीं लोकसभा चुनाव में फिर से जीतीं।
- मायावती चार बार अब तक सांसद रही हैं।












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