'बिना सेक्शुअल फीलिंग के महिला को गले लगाना अपराध नहीं', बृजभूषण सिंह ने कोर्ट में दी सफाई
Brij Bhushan Sharan Sing Case: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने कोर्ट के समक्ष यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ अपना बचाव किया। बृजभूषण शरण सिंह ने कोर्ट से कहा, ''बिना सेक्शुअल फीलिंग के या आपराधिक बल के किसी महिला को गले लगाना या छूना अपराध नहीं है।"
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में बृजभूषण सिंह की ओर से पेश वकील राजीव मोहन ने यह भी तर्क दिया कि भाजपा सांसद के खिलाफ महिला पहलवानों के आरोप में कोई बल नहीं है।

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने कोर्ट को बताया कि पहलवानों का यह कहना कि उन्होंने 5 साल तक शिकायत दर्ज नहीं की क्योंकि वे अपने करियर को लेकर परेशान थे। लेकिन हमें लगता है कि देर के लिए ये उचित स्पष्टीकरण नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि ये सारी बातें 'संभावित आधार' के तौर पर बनाए जा रहे हैं।
मोहन ने कहा कि कुश्ती जैसे आयोजनों में पुरुष कोचों का महिला पहलवानों को गले लगाना सामान्य बात है। इस फील्ड में ज्यादातर कोच पुरुष होते हैं।
बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने कहा, ''इन कुश्ती प्रतियोगिताओं में ज्यादातर कोच पुरुष हैं, शायद ही कोई महिला कोच हो। इसमें कोई प्रतिबंध नहीं है कि महिला खिलाड़ियों के लिए केवल महिला कोच ही होंगी।"
वकील ने कहा, "अगर किसी खिलाड़ी को उनकी उपलब्धि के लिए पुरुष कोच गले लगाता है, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है।"उन्होंने कहा, "हम टीवी पर देखते हैं...ऐसा नहीं है कि केवल महिला कोच ही महिला खिलाड़ियों को गले लगाएंगी।"
बृजभूषण के खिलाफ लगाए गए अनुचित स्पर्श के आरोपों का जिक्र करते हुए वकील ने तर्क दिया कि यह आरोप बिल्कुल साधारण है।












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