सोशल मीडिया पर आज सुर्खियों में रहा ब्रेस्ट फीड इंडिया
पूरे विश्व में अगस्त के पहले सप्ताह को वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक के रूप में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि बच्चे के जन्म के बाद माँ का गाढ़ा पीला दूध नवजात को अवश्य पिलाना चाहिए। सोशल मीडिया पर आज के ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल रहा #BreastfeedIndia.

यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स फंड (UNICEF) ने हाल में एक रिपोर्ट जारी करते हुए यह चेतावनी दी थी। विश्वभर के करीब 77 मिलियन बच्चे यानी दो में से एक नवजात को जन्म के पहले घंटे में मां के दूध से वंचित रखा जाता है। ऐसा करने से उनके शरीर में उचित पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिसकी वजह से वो मौत के शिकार भी हो सकते हैं। सितंबर 2015 में आयोजित विश्व के कई देशों के सम्मेलन में यह फैसला लिया गया था कि विश्वभर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसे लागू किया गया था।
शहर की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अब अक्सर मां अपने बच्चों को स्तनपान कराने से घबराती हैं। एक सर्वे के मुताबिक अब यह छोटे शहरों में भी खूब प्रचलन में देखा जा रहा है। यूनिसेफ की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में जन्म से छह महीने के भीतर केवल 43 फीसदी बच्चों को ही स्तनपान कराया जाता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस ब्रेस्ट फीडिंग वीक को सफल बनाने और लोगों को जागरूक करने के लिए एक संदेश जारी किया है। संदेश के माध्यम से नवजात के लिए स्तनपान के महत्व का संदेश दिया गया है। यूनिसेफ की वरिष्ठ न्यूट्रीशन सलाहकार फ्रांसे बेजिन के मुताबिक शुरुआती दौर में स्तनपान जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर जन्म से लेकर छह माह तक बच्चों को सिर्फ मां का दूध पिलाया जाए तो हर साल लगभग 8 लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है। पीएम मोदी ने भी 'मन की बात' कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं के हर माह की 9 तारीख को मुफ्त जांच की बात कही है।












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