BPSC Row: 'हां मैं राजनीति कर रहा हूं', प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार से कर दी बड़ी डिमांड, अब तक क्या-क्या हुआ
BPSC Protest Row: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर पटना के गांधी मैदान में धरना दे रहे हैं। प्रशांत किशोर गांधी मैदान में बीपीएससी छात्रों के समर्थन में अनशन कर रहे हैं। प्रशांत कशोर का कहना है कि उनका उद्देश्य छात्रों के संघर्ष को समर्थन देना और उनकी आवाज को बुलंद करना है।
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प्रशांत किशोर को पटना जिला प्रशासन ने नोटिस जारी कर गांधी मैदान खाली करने की बात कही है और अगर ऐसा ना किया गया तो मुकदमा दर्ज करने की भी चेतावनी दी है। जिसपर प्रशांत किशोर ने कहा है कि हमने जवाब दे दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि गांधी मैदान एक सार्वजनिक स्थान है और इस पर बैठने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

Prashant Kishor News: प्रशांत किशोर ने कहा- 'हां मैं राजनीति कर रहा हूं...'
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा,
"यह विरोध जारी रहेगा। मैं पिछले ढाई साल से बिहार में काम कर रहा हूं, अगर मैं राजनीति नहीं करूंगा तो क्या करूंगा? अगर आप किसी को पीटते हैं, और मैं उनके समर्थन में यहां बैठा हूं और फिर आप इसे राजनीति कहते हैं, तो मैं राजनीति कर रहा हूं। नीतीश कुमार काम नहीं करना चाहते हैं, वे केवल सत्ता में रहना चाहते हैं और यही कारण है कि उन्होंने कोविड के समय में बिहार के लोगों की मदद नहीं की। उन्हें अन्य चीजों की नहीं बल्कि सत्ता में रहने की चिंता है।"
प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार से की बड़ी मांग
प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार से बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की बड़ी मांग की है। प्रशांत किशोर ने कहा, ''हमारी एक मांग है कि बिहार में डोमिसाइल नीति लागू की जाए, ताकि बिहार के बच्चों को सरकारी नौकरी मिल सके। बिहार के आधे से ज्यादा सरकारी पदों पर बाहरी राज्यों के लोग आकर बैठ जाते हैं।''
प्रशांत किशोर बोले- हम आमरण अनशन शुरू कर रहे हैं
प्रशांत किशोर ने पटना में BPSC के अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। ये अभ्यर्थी पिछले महीने आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और परीक्षा को नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।
हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों में शामिल हुए प्रशांत किशोर ने राज्य में सरकारी नौकरियों के संबंध में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पता चला है कि BPSC द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से रिक्त पदों को भरने के लिए हजारों करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
प्रशांत किशोर ने कहा, "मेरी मांगों में परीक्षा रद्द करना और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करना शामिल है। मैं भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग करता हूं।"
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई वाली सरकार को मामले को सुलझाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था, जिसमें विफल रहने पर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "फिलहाल, हमारे युवा छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हम राजनीति का खेल बाद में खेल सकते हैं।"
प्रशांत किशोर बोले-आखिर नीतीश कुमार क्यों हैं चुप?
प्रशांत किशोर ने इससे पहले यह भी पूछा था कि जब अभ्यर्थी कड़ाके की ठंड में पुलिस के लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सामना करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे, तब नीतीश कुमार क्यों चुप थे। मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं और मौज-मस्ती कर रहे हैं। जब राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों ने उनसे आंदोलन के बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा।
प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीना से मुलाकात की थी। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें अपनी मांगों को पूरा करने के लिए कोई ठोस आश्वासन या समयसीमा नहीं मिली।
BPSC Protest: 18 दिसंबर से पटना में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र
बिहार में 912 केंद्रों पर 13 दिसंबर को आयोजित बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने वाले सैकड़ों अभ्यर्थी 18 दिसंबर से ही पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर काम नहीं कर रहे थे और कुछ स्थानों पर प्रश्नपत्र देरी से वितरित किए गए थे।
बीपीएससी ने अब तक केवल उन अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा पुनर्निर्धारित करने पर सहमति जताई है, जिन्होंने पटना के एक केंद्र पर परीक्षा दी थी, जहां हंगामे के दौरान एक परीक्षा अधिकारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।












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