दुर्गेश पाठक: गांव से IAS की तैयारी करने आया लड़का दिल्ली में बना विधायक
नई दिल्ली, 26 जून। प्रयास मन से हो तो कुछ भी संभव है। लेकिन जब परिस्थितियां हावी हो जाती हैं तो हमें दुर्गेश पाठक जैसे उदाहरण भी देखने को मिलते हैं। दरअसल, यहां बात आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक की हो रही है जिनका कभी राजनीति से दूर- दूर तक कोई वास्ता नहीं था। वो तो आईएएस अधिकारी बनने का सपना संजोकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे थे।
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दुर्गेश पाठक के घर पर जश्न
सिविल सेवा की तैयारी करने संतकबीरनगर से दिल्ली गए दुर्गेश पाठक दिल्ली में विधायक बन गए हैं।आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने राजेंद्रनगर विधानसभा चुनाव में भाजपा के राजेश भाटिया को 11468 मतों हरा दिया। इस जीत के बाद उनके पैतृक गांव गांव सिकोहरा में जश्न का माहौल है। रविवार को वहीं खूब ढोल-नगाड़े बजाए गए।

IAS की तैयारी के लिए दिल्ली आए पाठक
दुर्गेश पाठक पूर्व प्रधान मथुरा पाठक के बड़े बेटे हैं। दुर्गेश की प्राथमिक शिक्षा गांव में हुई। आठवीं तक उन्होंने आदर्श शिक्षा बाल बिहार लघु माध्यमिक बखिरा में पढ़ाई की। इंटर और स्नातक इलाहाबाद से किया। इसके बाद वे सिविल सेवा की तैयारी की के लिए दिल्ली चले गए।

जन लोकपाल आंदोलन से जुड़े
साल 2011 में अन्ना हजारे से प्रभावित होकर दुर्गेश पाठक जन लोकपाल आंदोलन से जुड़ गए। बाद में आम आदमी पार्टी से जुड़े और दिल्ली और पंजाब में पार्टी के संगठन के जमकर कार्य किया। दुर्गेश पाठक आम आदमी पार्टी के पंजाब के सह प्रभारी भी रह चुके हैं।

दुर्गेश पाठक अरविंद केजरीवाल के करीबी
दुर्गेश पाठक आम आदमी पार्टी के युवा नेता हैं। एमसीडी के चुनाव के लिए उन्हें प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में वह करावल नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन वह चुनाव नहीं जीत पाये थे। दुर्गेश पाठक सीएम अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते हैं।

विधानसभा उपचुनाव में BJP को दी शिकस्त
युवा आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता दुर्गेश पाठक एमएलए का चुनाव जीत गए हैं। राघव चड्ढा के इस्तीफे से रिक्त हुई राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने अपना कब्जा बरकरार रखा। आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक ने राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से चुनावी बाजी जीत हासिल कर ली।












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