बॉम्बे हाई कोर्ट ने 9 दिनों के त्योहार के लिए जैन मंदिर के साथ जुड़ी कैंटीनों को खोलने की दी अनुमति
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 9 दिनों के त्योहार के लिए जैन मंदिर के साथ जुड़ी कैंटीनों को खोलने की दी अनुमति
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने बुधवार (21 अक्टूबर) को जैन मंदिर के साथ जुड़े भोजनालय (डायनिंग हॉल/कैंटीनों) को फिर से खोलने की अनुमति दे दी है। (Jain Temples To Reopen Dining Halls) बॉम्बे हाई कोर्ट ने ये फैसला जैन समुदाय के आने वाले 9-दिवसीय उपवास समारोह (Ayambil Oli) को ध्यान में रखते हुए दिया है। हाई कोर्ट ने कहा, मंदिरों को रेस्तरां के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड-19 नियमों और एसओपी का पालन करना होगा।

23 अक्टूबर से खुलेंगे मुंबई के 48 'जैन कैंटीन'
हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि मंदिर पूजा करने के लिए भक्तों के लिए नहीं खोला जाएगा। जैन समुदाय का त्योहार 23 अक्टूबर से शुरू होने वाला है, इसलिए त्योहार के दौरान डायनिंग हॉल खोले जाऐंगे। इसके तहत जैन समुदाय के मंदिर से जुड़े मुंबई के 48 भोजनालय को सुबह 10 बजे से तीन बजे तक खोलने की इजाजत मिली है।
हाई कोर्ट ने कहा- भोजनालय ना खोलना जैन समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण
हाई कोर्ट ने कहा, महाराष्ट्र सरकार ने अनलॉक के नियमों के तहत 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्टोरेंट और बार खोलने की इजाजत दी है। सरकार ने मेट्रों और मोनो रेल भी शुरू कर दिया है। ऐसे में जैन समुदाय को 23 अक्टूबर से शुरू होने वाले उनके त्योहार के दौरान डायनिंग हाल खोलने की इजाजत न देना उनके साथ भारी भेदभावपूर्ण करना होगा। इसलिए जैन समुदाय के मंदिर से जुड़े मुंबई के 48 भोजनालय को खोलने की अनुमति दी जाती है।
हालांकि हाई कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि डायनिंग हाल में हर घंटे सिर्फ 40 लोग ही जा सकेंगे। यानी 10 से 3 बजे तक सिर्फ 300 लोग ही एक कैंटीन में जा सकेंगे। कोर्ट ने साफ कहा है कि इस दौरान मंदिर के दरवाजे ना खोले जाए। हाई कोर्ट ने यह अनुमति सिर्फ उन्ही जैन मंदिरों को दी है, जिनका नाम याचिका में था।












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