ब्लैक फंगस की दवा में नहीं आएगी कमी, अमेरिकी कंपनी भेज रही 10 लाख डोज
नई दिल्ली, 27 मई: देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर धीरे-धीरे कम हो रहा, लेकिन 'म्यूकोरमाइकोसिस' के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि सभी राज्यों ने इससे निपटने के लिए स्पेशल वार्ड तो बना दिए हैं, लेकिन वहां पर इससे जुड़ी दवाओं की किल्लत देखने को मिल रही है। इस बीच एक अमेरिकी कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत वो भारत को 10 लाख एम्फोटेरिसिन (Amphotericin) इंजेक्शन सप्लाई करेगी।
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दरअसल दवाओं की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्फोटेरिसिन इंजेक्शन की सप्लाई के लिए कई देशों से संपर्क किया था। जिसके बाद अमेरिकी कंपनी गिलियड साइंसेज बोर्ड ने 10 लाख इंजेक्शन की सप्लाई के लिए हामी भर दी। इसके तहत 1.21 लाख शीशियां भारत पहुंच चुकी हैं, जबकि 85000 शीशियां अभी रास्ते में हैं। कंपनी का दावा है कि जल्द ही कुल आपूर्ति 1 मिलियन डोज की कर दी जाएगी।
5 कंपनियों को मिला लाइसेंस
आपको बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने ब्लैक फंगस को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें उन्होंने जल्द से जल्द दवाओं की आपूर्ति के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके बाद 5 कंपनियों को लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी बनाने का लाइसेंस दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ये कंपनियां इस महत्वपूर्ण दवा की किल्लत को दूर कर देंगी।
राजधानी में आया अजीब सा मामला
दिल्ली में अब व्हाइट फंगस (कैंडिडा) की वजह से आंत में छेद का मामला सामने आया है। सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कोविड मरीज में व्हाइट फंगस पाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कैंडिडा की वजह से मरीज की पूरी आंत में अनेकों छेद हो गए हैं। महिला मरीज पिछले साल कैंसर से ग्रसित हुई थी, जिस वजह से चार हफ्ते पहले तक उसका इलाज चला।












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