• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Black fungal infection:महाराष्ट्र-गुजरात और यूपी समेत इन राज्यों में भी मिले मामले, जरूरी बातें जानिए

|
Google Oneindia News

दिल्ली, 12 मई: कोविड-19 के नए मामले और उससे होने वाली मौतों के आंकड़े ठहरने का नाम नहीं ले रहे हैं, इस बीच कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस या म्यूकरमायकोसिस नाम की आफत अलग कहर ढाने लगी है। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक वहां अबतक इस बीमारी के करीब 2,000 मामले हो सकते हैं और इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा बताया जा रहा है। अभी तक गुजरात में इसके सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे और वहां इन मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है और एंटी-फंगल दवाई की भी काफी डोज मंगा ली गई है। दिक्कत ये है कि ब्लैक फंगस के मामले धीरे-धीरे देश के कई राज्यों से आ रहे हैं और सबको अपने स्तर पर कोविड से जंग के बीच नए तरीके से तैयारियां करनी पड़ रही हैं।

महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के करीब 2,000 मामले सामने आए

महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के करीब 2,000 मामले सामने आए

दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पहले से ही ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके थे। सोमवार को ओडिशा भी इस लिस्ट में शामिल हो गया। अगर बुधवार की बात करें तो मुंबई से सटे महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दो और मरीजों की मौत इसकी वजह से बताई जा रही है। इनके अलावा यहां 6 और मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि राज्य में म्यूकरमायकोसिस के 2,000 तक केस हो सकते हैं। राज्य सरकार ने इन मरीजों का इलाज ऐसे अस्पतालों में कराने का फैसला किया है, जो मेडिकल कॉलेजों से जुड़े हुए हैं। सोमवार को ओडिशा में 71 साल के एक कोविड मरीज को ब्लैक फंगस से भी संक्रमित पाया गया, जिसकी डायबिटीज अनियंत्रित है। राज्य के जाजपुर जिले के उस मरीज का इस बीमारी के लिए इलाज शुरू कर दिया गया है।

इन राज्यों में भी ब्लैक फंगस की दस्तक

इन राज्यों में भी ब्लैक फंगस की दस्तक

राजस्थान की बात करें तो राजधानी जयपुर में पिछले कुछ घंटों में ही ब्लैक फंगस के 14 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से दो रांची से, 4 राजस्थान से ही, 5 उत्तर प्रदेश से और बाकी दिल्ली-एनसीआर से ब्लैक फंगस की शिकायत के साथ जयपुर पहुंचे हैं। इनमे से कई की आंखों की रोशनी खत्म हो चुकी है। मध्य प्रदेश से भी इस बीमारी की सूचना है और वहां दो लोगों की इसके चलते मौत की भी बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक राज्य में अबतक 13 ब्लैक फंगस के केस मिले हैं और डॉक्टर अमेरिकी डॉक्टरों से इससे निपटने के लिए मशवरा ले रहे हैं। जहां तक यूपी की बात है तो लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों का कहना है कि बीते तीन महीनों में उन्होंने कम से कम 7 ऐसे केस देखे हैं। 4 मरीजों का अभी भी आईसीयू में कोरोना का इलाज चल रहा है। इनमें से 35 और 60 साल के दो मरीज डायबिटिक हैं, जबकि 70 और 45 साल के दो मरीजों को लंबे समय से स्टेरॉयड दिया जा रहा है।

गुजरात में ब्लैक फंगस से कई मरीजों न गंवायी रोशनी

गुजरात में ब्लैक फंगस से कई मरीजों न गंवायी रोशनी

लेकिन, ब्लैक फंगस ने सबसे पहले से हाहाकार गुजरात में मचा रखा है। गुजरात सरकार अब ऐसे मरीजों के लिए अस्पताल में अलग से वार्ड तैयार कर रही है और इसकी इलाज में काम करने वाली दवा के 5,000 वायल मंगवाए हैं। गुजरात में अबतक म्यूकरमायकोसिस के 100 केस सामने आ चुके हैं, जिसके चलते कई मरीजों की रोशनी जा चुकी है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन का उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है,जो कि ब्लैक फंगस के रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने कहा है कि अतिरिक्त आयात और ज्यादा घरेलू उत्पादन से इसकी सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है।

किनको है ब्लैक फंगस होने का खतरा ?

किनको है ब्लैक फंगस होने का खतरा ?

डायबिटीज, एचआईवी/एड्स, कैंसर के मरीजों को जिनकी इम्यून पहले से ही कमजोर होती है, उन्हें इसका ज्यादा खतरा रहता है। या फिर जो लोग स्टेरॉयड की हाई डोज पर रहते हैं, उन्हें भी जोखिम है। आमतौर पर यह बीमारी 8 लाख में से एक को ही होती है, लेकिन कोरोना मरीजों में यह मामला बढ़ गया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि म्यूकरमायकोसिस की समस्या उन कोविड-19 के मरीजों में देखी जा रह है जिन्हें अनियंत्रित डायबिटीज है और जो लंबे वक्त तक आईसीयू में रहते हैं। अगर इसका इलाज जल्द नहीं शुरू हुआ यह जानलेवा हो सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना मरीजों में स्टेरॉयड के इस्तेमाल से शुगर लेवल बढ़ जाता है और कई दवाइयों की वजह से मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इसके इलाज में एंटी-फंगल दवाओं का इस्तेमाल होता है। इससे पीड़ितों को अगर वक्त पर इलाज नहीं मिला तो इसकी मृत्यु दर 50 से 60 फीसदी तक है।

इसे भी पढ़ें- देश के किस जिले में करीब 100% हुई कोरोना संक्रमण की दर, जानिएइसे भी पढ़ें- देश के किस जिले में करीब 100% हुई कोरोना संक्रमण की दर, जानिए

ब्लैक फंगस या म्यूकरमायकोसिस के लक्षण क्या हैं ?

ब्लैक फंगस या म्यूकरमायकोसिस के लक्षण क्या हैं ?

ब्लैक फंगस के लक्षणों में सिरदर्द, बुखार,आंख के नीचे दर्द, साइनस, नाक बंद होना, दांतों में दर्द, सीने में दर्द और आंख की रोशनी में कमी या धुंधलापन भी शामिल है। कुछ गंभीर मरीजों को खांसी, सांस लेने में तकलीफ, खून के साथ उल्टी और बदली हुई मानसिक स्थिति जैसी भी समस्या हो सकती है।

English summary
Black fungal infection cases reported in many states of the country, most patients in Maharashtra, Gujarat started making special wards,in UP-Delhi and MP also increased concern
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X