हिमाचल में चुनाव से पहले ही सत्ता में आ जाएगी बीजेपी !
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कानूनी पचड़े में घिरता देख भाजपा राज्य में सरकार बनाने की जोड़-तोड़ में लग गई है। हाल ही में राज्य में हुए उपचुनाव में मिली जीत के बाद पार्टी काफी उत्साहित है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हालांकि चुनाव इस साल के अंत तक होने हैं। लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कानूनी पचड़ों में फंसने के चलते बीजेपी अब उत्तराखंड की तर्ज पर प्रदेश में चुनावों से पहले ही सत्तारूढ़ दल कांग्रेस में तोड़-फोड़ कर सरकार बनाने की फिराक में है।

चार राज्यों में जीत से उत्साहित है भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने में हाल ही में हुये चार राज्यों के चुनाव में मिली जीत के बाद खासा उत्साह है। यही वजह है कि भाजपा ने अब हिमाचल की ओर नजरें गड़ा दी हैं। पिछले दो दिनों में कई ऐसे घटनाक्रम हुये जो साधारण नहीं माने जा सकते। जैसे भाजपा आलाकमान ने पहले प्रदेश की कोर कमेटी को दिल्ली बुलाया जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ कोर कमेटी की बैठक हुई। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के राज्यपाल से केन्द्रीय गृह मंह मंत्री राजनाथ सिंह ने फीडबैक लिया। साथ ही केन्द्रीय स्वास्थय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हिमाचल भाजपा की मैराथन बैठक हुई जिसमें प्रदेश के ताजा राजनैतिक हालातों पर गहन विचार विर्मश किया गया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 27 अप्रैल को शिमला दौरा भी पहले से तय हो चुका है। ये भी पढ़ें- एक और प्रदेश को कांग्रेस मुक्त करने के अभियान का मोदी 27 को करेंगे आगाज

आधा दर्जन कांग्रेसी विधायक हो सकते हैं शामिल
दरअसल में प्रदेश की भोरंज सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली जीत के पार्टी आत्मविश्वास से लबरेज है तो वहीं कांग्रेसी खेमें में निराशा का माहौल है। साथ ही वीरभद्र सिंह के कानूनी केस में घिरने के चलते हालात और पेचीदा हो गए हैं। यही वजह है कि अब कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा की ओर जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। भाजपा का दावा है कि कई कांग्रेसी नेता उसके संपर्क में हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्तपाल सत्ती का दावा है कि कई कांग्रेसी नेता भाजपा ज्वाईन करने के लिये उनके संपर्क में हैं। लेकिन उनके नाम अभी नहीं उजागर करेंगे, सब जल्द ही सामने आ जायेगा। ये भी पढ़ें- भोरंज उपचुनाव: करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच घमासान
शिमला के सत्ता के गलियारों में भी चर्चा आम है कि आने वाले दिनों में प्रदेश कैबिनेट के दो कबीना मंत्री, आधा दर्जन विधायक व कुछ संसदीय सचिव आने वाले कुछ दिनों में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो जायेंगे। बता दें कि इस समय 68 सदस्य वाली विधानसभा में कांग्रेस के 36 भाजपा के 28 और चार निर्दलीय विधायक हैं। इन चार में से एक निर्दलीय विधायक बलबीर वर्मा हाल ही में भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

निर्दलीय विधायकों पर डोरे डाल रही भाजपा
भाजपा नेता भी दबी जुबान में इस बात को मान रहे हैं कि ऐसा होने जा रहा है। यही नहीं भाजपा, कांग्रेस सरकार को सर्मथन दे रहे कांगड़ा व इंदौरा से चुने गये दोनों निर्दलीय विधायकों पर भी डोरे डाल रही है। निर्दलीय विधायक पवन काजल व मनोहर धीमान किसी भी समय भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठे कांग्रेसी विधायक भाजपा की ओर से अगले चुनाव में अपनी टिकट पक्की करनी चाह रहे हैं। दरअसल कांग्रेस के कई विधायक मौजूदा नेतृव से नाखुश बताये जा रहे हैं। उनका आरोप है कि पार्टी हाईकमान खासकर पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी भी उनकी कोई बात नहीं सुनतीं। अगर सब कुछ यूं ही चलता रहा तो 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री के शिमला दौरे के दौरान यहां बड़ा राजनैतिक घटनाक्रम घट सकता है।

समय से पहले हो सकते हैं चुनाव
भाजपा का मानना है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं। यही वजह है कि राज्यपाल आर्चाय देवव्रत व गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बीच मुलाकात हुई है। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल व पार्टी अध्यक्ष सत्तपाल सत्ती प्रधानमंत्री मोदी व राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं। मोदी का प्रस्तावित शिमला दौरा खासा अहम है। जल्द ही शिमला में नगर निगम के चुनाव भी होने हैं। भाजपा नेतृत्व अभी से सत्ता में काबिज होने के लिये ताना बाना बुनने लगा हे।












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