राज्यसभा में भी बढ़ी BJP की टेंशन, करारी हार के बाद 'मौसमी सहयोगी' ने यूं दिखा दिया रेड कार्ड!
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनाटक के बीजू जनता दल ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद फैसला किया है कि वह संसद के मौजूदा सत्र के दौरान राज्यसभा में 'जीवंत और मजबूत' विपक्ष की भूमिका निभाएगा।
हाल में हुए लोकसभा चुनावों में बीजेडी ओडिशा में सभी सीटें हार गया है और विधानसभा में भी भाजपा के हाथों सत्ता गंवा चुका है। लेकिन, राज्यसभा में उसके पास अभी भी 9 सांसद हैं, जिन्होंने कई अहम मौकों पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए 'मौसमी सहयोगी' की भूमिका निभाई है।

केंद्र के खिलाफ आंदोलन को भी तैयार- बीजेडी
नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई पार्टी सांसदों की बैठक के बारे में बीजेडी के राज्यभा सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, 'इस बार बीजेडी सांसद सिर्फ मुद्दों पर बोलने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अगर केंद्र की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ओडिशा के हितों की अनदेखी करती है तो वे आंदोलन करने के लिए भी तैयार हैं।'
ओडिशा के हितों के लिए किसी भी हद तक जाएंगे- बीजू जनता दल
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या बीजू जनता दल पहले की तरह बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार को मुद्दों पर आधारित समर्थन देता रहेगा, तो उन्होंन कहा, 'बीजेपी का अब और समर्थन नहीं, सिर्फ विरोध करेंगे। ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।'
बाद में उन्होंने और कुरेदने पर कहा, 'बीजेपी को समर्थन देने का सवाल ही नहीं है। बीजेडी अध्यक्ष ने कहा है कि अगर एनडीए सरकार ओडिशा की उचित मांगों की अनदेखी करती रही तो हमें एक मजबूत और जीवंत विपक्ष की तरह कार्य करना होगा।'
ओडिशा में बीजेडी को बीजेपी के हाथों मिली है करारी हार
1997 में अपने गठन के बाद पहली बार ओडिशा में बीजेडी एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सका है। वहीं 24 साल बाद वह राज्य में सत्ता से बेदखल हुआ है और बीजेपी को पहली बार राज्य की सत्ता में आने का मौका मिला है।
एनडीए के पास राज्यसभा में कुल 117 सांसद
245 सदस्यीय राज्यसभा में एनडीए के पास 117 सांसद हैं और इंडिया ब्लॉक के सांसदों की संख्या 80 है। 33 अन्य दलों के या निर्दलीय सांसद हैं, जिनमें बीजेडी के 9 और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के भी 9 सांसद भी शामिल हैं। इस समय 10 निर्वाचित और 5 नामांकित सांसदों का पद खाली है, जिसके लिए चुनावों की घोषणा होनी है।
राज्यसभा में अबतक भाजपा को मिलता था बीजेडी का बड़ा समर्थन
2019 में जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म करने से लेकर कई अहम विधेयकों पर राज्यसभा में बीजेपी सरकार को बीजू जनता दल और जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआईर कांग्रेस पार्टी का भरपूर समर्थन मिला है। लेकिन, अब नवीन पटनायक राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों में भी उसी तरह की दरियादिली दिखाएंगे, पार्टी के ताजा स्टैंड से इसमें संदेह पैदा हो चुका है।
उधर जगन मोहन रेड्डी को आंध्र प्रदेश की सत्ता से बेदखल करने में बीजेपी ने उनके कट्टर विरोधी चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी का साथ दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में टीडीपी के एनडीए में रहते उनकी पार्टी का राज्यसभा में क्या रुख होता है, यह भी देखने वाली बात रहेगी।
बहरहाल, राज्यसभा की जिन 10 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 7 बीजेपी के पास, 2 कांग्रेस के पास और 1 पर आरजेडी का कब्जा है। भाजपा अभी भी कम से कम 6 सीटें जीत सकती है। इस तरह से राज्यसभा से सामान्य विधेयक पास करवाने में एनडीए कोई चुनौती होगी, ऐसा लगता नहीं। लेकिन, अगर बीजेडी का पहले की तरह साथ मिलता तो उसके लिए ऊपरी सदन में चीजें और भी ज्यादा आसान हो सकती थी। (इनपुट-पीटीआई)












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