BJP प्रदेश कार्यकारिणी में सपा को बताया 'नागनाथ' तो बसपा को कहा 'सांपनाथ' !
लखनऊ। सियासत है साहब, जितना जुबान घिसिए उतना चमकती है। पर वाकई ऐसा है क्या ? उत्तर प्रदेश में सियासत के मद्देनजर कोई चेक वितरण कर रहा है तो कोई अभी तक दयाशंकर को सियासत में जीत हासिल करने का विकल्प मानकर चल रहा है, हां कुछ ऐसे भी हैं जो महज वादों को तेज आवाज में बोलकर जनता के सामने पेश करने से ये समझ लेते हैं कि जीत उनकी।
रणनीतिकार बिसातें बिछा रहे हैं...और जुबान धारदार होकर विवाद के लिए तैयार है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी द्वारा झांसी में प्रदेश कार्य-समिति की बैठक का आयोजन किया गया है। जिसमें सभी विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमला बोला गया।
कलराज मिश्रा ने किया दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन
दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का शुभारंभ केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्रा ने किया। शुभारंभ के बाद उन्होंने सब में मौजूद सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने वोटों के ध्रुवीकरण के लिए प्रदेश सरकार पर सुनियोजित ढंग से तनाव पैदा करने का आरोप लगाया।
किसानों पर फोकस
माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2017 में किसानों पर केंद्रित होकर मैदान में उतर रही है, जिसकी झलक कलराज के बयान में भी दिखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदाग्रस्त किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। पिछली सरकार की तुलना में इस बार केंद्र सरकार ने प्रदेश को काफी पैसा दिया है लेकिन इस पैसे का सही प्रयोग नहीं किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने लिया सपा-बसपा को आड़े हाथ
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि 14 वर्ष से सपा और बसपा की सरकार है, पर प्रदेश का कोई भला नहीं हुआ। अखिलेश यादव सबसे असफल मुख्यमंत्री साबित हुए हैं। सपा की बेरोजगारी भत्ता, टैबलेट वितरण योजना ठंडे बस्ते में चली गई है, सरकारी भर्तियां भ्रष्टाचार की चपेट में हैं। सपा और बसपा को एक ही थाली का चट्टा-बट्टा बताते हुए उन्होंने दोनों दलों के लिए नागनाथ और सांपनाथ की उपमाएं दे दीं।
सपा-बसपा की जुगलबंदी का परिणाम नसीमुद्दीन के खिलाफ जांच न होना
कार्यसमिति की इस बैठक में दयाशंकर विवाद में चौतरफा घिरे नसीमुद्दीन पर कार्यवाही न होने की वजह सपा और बसपा के बीच चल रही जुगलबंदी को बताया गया। वहीं सपा पर तंज कसते हुए कहा कि मुलायम सिंह पुत्र मोह से ग्रसित हैं और अखिलेश विकास के रास्ते पर बैरियर हैं।
कांग्रेस को चेहरा नहीं मिला तो, शीला दीक्षित को बुलाया गया
प्रदेश अध्यक्ष मौर्या ने कांग्रेस पर तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस को प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री पद का चेहरा तक नहीं मिला। जिसकी वजह से दिल्ली से शीला दीक्षित को बुलाया गया।
केंद्र की तारीफ तो प्रदेश की गिनवाईं नाकामी
पार्टी के नेताओं ने कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ ही सूबे की सरकार की तमाम असफलताएं गिनवाईं। प्रदेश अध्यक्ष केशव ने कहा कि देश के 18,500 गांवों में बिजली नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री ने बिजली देने की योजना बनाई और अब तक नौ हजार से ज्यादा गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश के 1364 गांव भी शामिल हैं। इसके इतर जन-धन, उज्जवला योजनाओं का भी जिक्र किया।













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