असम के मंत्री को बीजेपी का तोहफा, कहा- देश की कोई भी लोकसभा सीट चुन लो
नई दिल्ली: बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व पूर्वोत्तर में पार्टी के विस्तार की वजह से असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से बेहद प्रभावित है। खासकर असम में उनके काम से पार्टी नेतृत्व खुश है। लोकसभा चुनाव में टिकट को लेकर हर पार्टी में घमासाना छिड़ा हुआ है। बीजेपी से भी ऐसे खबरें आ रही हैं कि कई मौजूदा सांसदों का टिकट इस बार कट सकता है। ऐसे में पार्टी ने हेमंत बिस्वा शर्मा पर भरोसा जताते हुए उनसे देश की कोई भी लोकसभा सीट चुनने के लिए कहा है, जहां से वो चुनाव लड़ना चाहते हैं।

हेमंत बिस्वा पर पार्टी मेहरबान
इम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक असम के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रणजीत दास ने बताया कि जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझसे कहा कि पार्टी चाहती है कि हेमंत लोकसभा का चुनाव लड़े और वो कोई भी सीट चुन सकते हैं। मैंने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि ये तो शानदार फैसला है। लेकिन साथ ही मैंने आग्रह किया कि उनकी लोकसभा सीट तय करने से पहले अन्य राज्य की अपेक्षा असम को प्राथमिकता दी जाए।

'तेजपुर सीट से लड़ेंगे चुनाव'
बीजेपी के सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हेमंत असम की तेजपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार होंगे। उनका नाम तय कर लिया गया है। शनिवार को अमित शाह उनके नाम का औपचारिक ऐलान करेंगे। इससे नाराज होकर तेजपुर लोकसभा सीट से भाजपा के मौजूदा सांसद राम प्रसाद शर्मा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वो 2014 में इस सीट से पहली बार चुनाव जीते थे। शर्मा गोरखा समुदाय से ताल्लुक रखते है। रामप्रसाद ने हेमंत बिस्वा जैसे नेताओं को पार्टी में लाने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी के पुराने रक्षक हैं जिन्होंने दशकों तक बिना किसी अन्य समर्थन के भाजपा को सत्ता में रखा। लेकिन अब वो सबसे ज्यादा उपेक्षित और बुरा बर्ताव झेल रहे हैं।

कौन है हेमंत बिस्व शर्मा?
हेमंत बिस्व शर्मा 23 साल तक कांग्रेस में थे। वो 15 साल तक असम में तरूण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थी। हेमंत ने साल 2015 में राहुल गांधी से नाराज होकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी। असम में भाजपा की पहली सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट के अन्य राज्यों में भी भाजपा की सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।












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