जब एक मुस्लिम ने कहा नरेंद्र मोदी ही हैं विश्वसनीय लीडर

अकबर ने कहा कि गांधी मैदान में धमाकों के बाद भी वो किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं हुए और उनके भाषण में किसी भी प्रकार से बम धमाकों को लेकर राजनीति नहीं झलकी। बल्कि उन्होंने तो अपने पूरे भाषण में सबसे अच्छी जो लाइनें बोलीं वो थीं, "गरीब हिन्दू को खुद निर्णय लेना होगा कि वो गरीबी के खिलाफ लड़ना चाहता है या फिर मुसलमान के खिलाफ और गरीब मुसलमान को भी गरीबी और हिन्दुओं में से किसी एक को चुनना होगा।"
गांधी मैदान में जो भाषण दिया गया, उसमें साफ तौर पर देश का मूड झलक रहा था। आज प्रत्येक भारतीय मोदी की बातों से सहमत है। अगर मोदी को सत्ता मिली, तो देश अमन चैन की ओर ही बढ़ेगा। आप जिस तरफ जा रहे हैं, हिन्दुस्तान अमन में रहेगा।
चार राज्यों में विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए अकबर ने कहा कि ये परिणाम जनता के गुस्से का नतीजा हैं। पिछले पांच सालों में जिस तरह महंगाई बढ़ी, उस पर कोई नियंत्रण नहीं कसा गया। सरकार बुरी तरह भ्रष्टाचार से घिर गई है। अब जनता अपने शासक की आवाज से संतुष्ट नहीं है। गरीबों और अपनढ़ लोगों को आप ज्यादा दिन तक बेवकूफ नहीं बना सकते। अकबर ने दावा किया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में 15 से 20 फीसदी मुसलमानों ने भारतीय जनता पार्टी के लिये वोट किया।












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