BJP President: भाजपा को जल्द मिलने वाला नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानें अब-तक कौन-कौन से नेता रेस में आगे?
BJP President Update News: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 तक पार्टी ने उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। अब जब लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं, पार्टी जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है।
न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक पार्टी का संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के बनने के बाद ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने बताया, ''दिल्ली और यूपी जैसे दो अहम राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान के बाद शुरू होगी।''

दिल्ली और यूपी की अहमियत
दिल्ली और उत्तर प्रदेश, दोनों ही बीजेपी के लिए बेहद अहम राज्य हैं। दिल्ली में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में पार्टी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या पार्टी किसी नए चेहरे को दिल्ली यूनिट की कमान सौंपेगी।
उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, जो पश्चिम यूपी से जाट नेता हैं, उनका कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 तक के लिए विस्तार दिया गया था। राज्य में हालिया चुनाव में बीजेपी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए संगठन में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।
अन्य राज्यों में चुनाव पूरे
अब तक हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जा चुके हैं। बिहार, सिक्किम, गोवा और असम जैसे अन्य प्रमुख राज्यों में भी नए अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। बाकी बचे राज्यों में भी यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा अब बहुत करीब मानी जा रही है, जिसके बाद संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम होगा।
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में कौन-कौन दावेदार? जानिए टॉप नेताओं का प्रोफाइल
🔴 1. शिवराज सिंह चौहान
- पिछला अनुभव: छह बार लोकसभा सांसद और चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- उपलब्धि: बतौर मुख्यमंत्री "लाड़ली बहना योजना" जैसी जनकल्याणकारी योजना शुरू की, जिसने विधानसभा चुनावों में अहम भूमिका निभाई।
- खास बात: उनकी योजनाएं कई राज्यों में मॉडल बन गईं और विपक्षी दलों ने भी इन्हें अपनाया।
🔴 2. मनोहर लाल खट्टर
- पिछला अनुभव: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री।
- PM मोदी से नजदीकी: दोनों की दोस्ती 1990 के दशक से है, जब वे पार्टी में छोटे पदों पर थे।
- विशेषता: संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और प्रशासनिक अनुभव उन्हें उपयुक्त दावेदार बनाता है।
🔴 3. धर्मेंद्र प्रधान
- वर्तमान पद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री।
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: ओडिशा से आते हैं, ABVP से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
- अनुभव: दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा सांसद, साथ ही पेट्रोलियम, इस्पात और कौशल विकास जैसे अहम मंत्रालय संभाले।
- लोकप्रियता: सरकार और संगठन दोनों में एक भरोसेमंद चेहरा।
🔴 4. सुनील बंसल
- पृष्ठभूमि: राजस्थान से हैं, वर्तमान में ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी।
- बड़ा योगदान: उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई।
- विशेषता: संगठनात्मक योजना और चुनाव प्रबंधन में दक्षता, लोकसभा चुनाव 2024 में भी अहम भूमिका निभाई।
🔴 5. जी. किशन रेड्डी
- तेलंगाना से सांसद और कोयला मंत्री।
- अनुभव: तीन बार विधायक, आंध्र प्रदेश और फिर तेलंगाना में प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
- पार्टी निष्ठा: 1980 से BJP में सक्रिय, मोदी के करीबी, जनता और संगठन दोनों में मजबूत पकड़।
🔴 6. बी.एल. संतोष (उम्र 58)
- भूमिका: भाजपा के संगठन महासचिव, RSS के पुराने प्रचारक।
- राजनीतिक आधार: कर्नाटक से ताल्लुक रखते हैं।
- विशेषता: दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूती देने की रणनीति में माहिर। मोदी-शाह की कोर टीम के अहम सदस्य।
भाजपा को पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की भी चर्चा, ये नाम रेस में
🔴 निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। वे पूर्व में रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं और पार्टी व संगठन, दोनों में मजबूत पकड़ रखती हैं। हाल ही में उन्होंने जेपी नड्डा और बीएल संतोष के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक भी की थी।
अगर उन्हें अध्यक्ष बनाया जाता है, तो इससे BJP को दक्षिण भारत में मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही, यह महिलाओं को आरक्षण देने की पार्टी की नीति के अनुरूप भी होगा।
🔴 डी. पुरंदेश्वरी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश BJP की अध्यक्ष रहीं डी. पुरंदेश्वरी भी प्रमुख दावेदार हैं। वे सुलझी हुई और बहुभाषी नेता हैं। हाल ही में उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल "ऑपरेशन सिंदूर" में भी शामिल किया गया था।
🔴 वानति श्रीनिवासन
तमिलनाडु की विधायक और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानति श्रीनिवासन भी संभावित नामों में शामिल हैं। वे पार्टी की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की पहली तमिल महिला सदस्य भी हैं।
क्या संगठन की पसंद महिला नेतृत्व है?
सूत्रों के मुताबिक, RSS ने भी महिला अध्यक्ष पर सहमति जताई है, क्योंकि यह कदम राजनीतिक और सामाजिक रूप से एक मजबूत संदेश देगा। हाल के चुनावों में महिला वोटर्स की भूमिका निर्णायक रही है, खासकर महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में।
अगर भाजपा इस बार महिला अध्यक्ष की घोषणा करती है तो यह सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी होगा-कि BJP महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इतिहास रचती है या पारंपरिक रास्ता अपनाती है।
भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें से हर एक के पास संगठनात्मक अनुभव, जनाधार और नेतृत्व क्षमता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है-क्या कोई अनुभवी मुख्यमंत्री होगा या कोई संगठन का चाणक्य? जल्द ही इसका फैसला सामने आ सकता है।












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