'...आदरणीय मोदीजी मत कहो', संसदीय दल की बैठक में BJP सांसदों से क्यों की PM मोदी ने ये मांग?
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विजय पताका फहराने के बाद गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संसदीय दल की बैठक हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सांसदों से आग्रह किया कि वे उन्हें 'मोदी जी या आदरणीय (आदरणीय) मोदी जी' कहकर संबोधित न करें।
संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नाम के पहले या बाद में विशेषण जोड़ने से उनके और देश के लोगों के बीच दूरी पैदा हो सकती है। पीएम मोदी ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में पार्टी की जीत का श्रेय "टीम भावना" को दिया। उन्होंने सांसदों से सामूहिक भावना के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव नतीजे बेहतरीन रहे और मिजोरम में भी हमारी ताकत दोगुनी हो गई। तेलंगाना में हमारी ताकत कई गुना बढ़ गई है। यह अफवाह फैलाई जा रही है कि बीजेपी केंद्र में अच्छी है, लेकिन राज्य स्तर पर उसकी कोई ताकत नहीं है, यह गलत है।
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आइए एक और विश्लेषण देखें। वे (कांग्रेस) लगातार दो बार सरकार में थे और फिर चुनाव में जाने का मौका आया। कांग्रेस को यह मौका केवल 7 बार मिला, एक बार वे तीसरे कार्यकाल में प्रवेश करने में सक्षम थे। बीजेपी लगातार दो बार सरकार में रही और फिर बीजेपी को 17 बार चुनाव में जाने का मौका मिला और बीजेपी 10 बार जीती। हमने गुजरात जैसे राज्य में 7 बार जीत हासिल की है। हमने एमपी में भी लगातार जीत रहे हैं।
पसंदीदा पार्टी बन गई बीजेपी
बैठक में शामिल हुए एक विधायक मीडिया को बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें बताया कि बीजेपी अपने शासन मॉडल के कारण एक पसंदीदा पार्टी बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के शासन समर्थक रुख के कारण बीजेपी ने सत्ता विरोधी लहर को नकार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को लगातार दूसरी बार 57 प्रतिशत और कांग्रेस को 20 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों के लिए यह प्रतिशत 49 फीसदी है।












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