भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सीधे पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला, जानिए क्या कहा
नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अबकी बार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक ट्विटर यूजर के सवाल के जवाब में जो कुछ लिखा है, वह भाजपा नेतृत्व को शायद ही पसंद नहीं आएगा। दरअसल, पिछले कुछ समय से भारत और पाकिस्तान के बीच जो संबंध सुधरने के संकेत मिल रहे हैं, उसपर लगता है कि स्वामी को अपनी ही सरकार पर यकीन नहीं है और उन्होंने इसके लिए सीधे पीएम मोदी पर तंज कसना शुरू कर दिया है। हालांकि, पहले कई ऐसे कई मौके आए हैं, जब उनकी आलोचनाओं से मोदी सरकार असहज हुई है। लेकिन, इसबार उनका लहजा ज्यादा तल्ख है और देखना है कि अबकीबार पार्टी क्या करती है।

कश्मीर पर सरेंडर कर दिया- सुब्रमण्यम स्वामी
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से चीन और भारतीय सैनिकों को अपनी-अपनी पोजिशन से पीछे हटने के बाद पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर भी हालात में सुधार हुए हैं। पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान वहां किए गए वादे के मुताबिक सीजफायर पर गंभीरता से अमल कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच हालात फिर से सुधरने की उम्मीदें जगी हैं। इसके बाद दोनों देशों के बीच एकबार फिर से व्यापारिक संबंधों के भी पटरी पर लौटने की संभावनाएं बन गई हैं। शायद इसी पर तमतमा कर स्वामी ने मोदी सरकार पर कश्मीर मुद्दे पर सरेंडर करने का आरोप लगा दिया है। वैसे तो वो पिछले कुछ दिनों से लगातार अपनी ही सरकार पर हमलावर रहे हैं। लेकिन, जब बुधवार को सुबह पाकिस्तान के साथ फिर से व्यापार की संभावना वाली खबर आई तो उन्होंने ट्विटर पर एक यूजर को रिप्लाई किया, 'कश्मीर पर सरेंडर कर दिया। पीओके को गुड बाय कह दिया। मुझे पूरा यकीन है कि जल्द ही मोदी लंदन में इमरान खान के साथ डिनर करेंगे।'

पाकिस्तान ने भारत से चीनी और कपास के आयात पर लगी रोक हटाई
बता दें कि पाकिस्तान के साथ भारत का व्यापार पिछले करीब दो वर्षों से बंद था। लेकिन, बुधवार को पाकिस्तान की इमरान खान की सरकार ने भारत से चीनी और कपास के आयात पर 19 महीने से जारी रोक हटाने की घोषणा कर दी है। यह जानकारी पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अजहर ने दी है। जानकारों की राय में यह दोनों देशों के व्यापार बहाली की ओर उठाया गया बड़ी कदम है। इससे पहले भारत भी यह संकेत दे चुका है कि वह अपने पड़ोसी के साथ फिर से व्यापारिक संबंधों को शुरू करने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के नेशनल डे पर इमरान खान को चिट्ठी भी लिखी थी, जिसके जवाब में पाकिस्तानी पीएम ने भी दोनों देशों के बीच बातचीत का प्रस्ताव रखा था। पिछले हफ्ते केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी लोकसभा में कहा था कि भारत पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ सामान्य संबंधों की ख्वाहिश रखता है, जिसमें व्यापारिक रिश्ते भी शामिल हैं। लेकिन, लगता है कि यही बातें स्वामी को खटक रही हैं और वो प्रधानमंत्री पर कटाक्ष कर रहे हैं।

नियंत्रण रेखा पर भी बदले-बदले हैं हालात
बता दें कि दोनों देशों के बीच जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटने के बाद से जारी तनाव के बाद तब हालात अचानक बदलने शुरू हो गए थे, जब बीते 25 फरवरी को भारत और पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और दूसरे सेक्टर में भी सीजफायर समझौतों के कड़ाई से पालन करने करने की हामी भरी थी। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान पर अमेरिका का भारी दबाव है और उसने फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स से लगने वाली पाबंदियों से बचने के लिए अपना पैंतरा बदलने में ही भलाई समझी है।












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