Heatwave Alert 2026: उत्तर से दक्षिण ‘आग उगलता’ भारत, ब्रह्मपुरी समेत ये टॉप-30 शहर ‘तंदूर’ से हुए लाल
Heatwave Alert 2026 List: देशभर में मई 2026 की गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 24 मई के आंकड़ों और हीट मैप के मुताबिक, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से गहरे लाल और मैरून रंग में तब्दील हो चुके हैं। तापमान 44°C से 48°C के बीच पहुंचने से पूरा देश 'तंदूर' की तरह तप रहा है। विदर्भ का ब्रह्मपुरी 47.2°C के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 46.8°C तक पहुंच गया।
यह सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि भीषण लू और उमस का डबल अटैक है, जो लोगों के स्वास्थ्य, कृषि और रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि 25 मई 2026 को देश की गर्मी की स्थिति क्या है, कहां सबसे ज्यादा खतरा है और कैसे बचें...

IMD Heat Map: देश का रंग लाल क्यों?
IMD के लेटेस्ट मैप में पीला, नारंगी, लाल और गहरा लाल रंग देश के अलग-अलग हिस्सों की गर्मी की तीव्रता बता रहे हैं:
- गहरा लाल/मैरून: 42°C से 48°C+ (अत्यधिक खतरनाक)
- लाल: 38°C से 42°C (भीषण लू)
- नारंगी: 34°C से 38°C (हीटवेव)
- पीला: 30°C से 34°C (गर्म)
- हरा: 24°C से 30°C (सामान्य/ठंडा)
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (विदर्भ), छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना के बड़े हिस्से गहरे लाल जोन में आ चुके हैं। वहीं हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर और केरल जैसे इलाके हरे-पीले रंग में राहत भरे दिख रहे हैं।
North India Uttar Pradesh-Rajasthan Turn 'Tandoor': UP-राजस्थान बने 'तंदूर'
उत्तर प्रदेश इस समय देश के सबसे गर्म राज्यों में शामिल है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों में भीषण लू चल रही है।
- बांदा: 46.8°C
- प्रयागराज: 45.6°C
- झांसी: 45.6°C
- जालौन/ओरई: 45.6°C
- आगरा: 45.4°C
राजस्थान के पश्चिमी हिस्से भी आग की तरह तप रहे हैं। श्रीगंगानगर में 46°C दर्ज किया गया। हरियाणा के रोहतक में भी 45.3°C तापमान रहा। इन इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना जानलेवा साबित हो रहा है। रातें भी उमस भरी हैं, जिससे शरीर को राहत नहीं मिल पा रही।
Central India Vidarbha-Madhya Pradesh Weather Alert: विदर्भ और MP में सबसे भयावह स्थिति
महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र इस बार गर्मी का हॉटस्पॉट बना हुआ है। ब्रह्मपुरी ने 47.2°C तापमान के साथ पूरे देश का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नागपुर, चंद्रपुर, वर्धा, अमरावती और गोंदिया जैसे शहर 45°C से 45.6°C के बीच तप रहे हैं।
मध्य प्रदेश में खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे इलाकों में 45°C के आसपास तापमान दर्ज हुआ। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी 45°C के पार पहुंच गई। इन क्षेत्रों में किसानों की फसलें झुलस रही हैं और पशु भी प्रभावित हो रहे हैं।
Eastern India Odisha-Telangana Sultry Heat: पूर्वी भारत और दक्षिण, ओडिशा-तेलंगाना में उमस भरी गर्मी
ओडिशा के टिटलागढ़, बौध, भवानीपटना और संबलपुर में 45°C से 45.8°C तक तापमान रहा। तेलंगाना के कोठागुडेम और खम्मम में भी 45.4°C से 45.6°C दर्ज किया गया। आंध्र प्रदेश के बापटला और रेंटाचिंतला में 46°C तापमान के साथ हीटवेव चरम पर है। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं से कुछ राहत है, लेकिन आंतरिक कर्नाटक और आंध्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
India Top 30 Hottest Cities List: सबसे गर्म शहरों की टॉप-30 लिस्ट (24 मई 2026)
| रैंक | स्टेशन | उप-विभाग | तापमान (°C) | सामान्य से अधिक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ब्रह्मपुरी | विदर्भ | 47.2 | +4.6 |
| 2 | बांदा | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 46.8 | +3.3 |
| 3 | श्रीगंगानगर | पश्चिम राजस्थान | 46.0 | +3.5 |
| 4 | बापटला | तटीय आंध्र प्रदेश | 46.0 | +6.8 |
| 5 | रेंटाचिंतला | तटीय आंध्र प्रदेश | 46.0 | +3.3 |
| 6 | टिटलागढ़ | ओडिशा | 45.8 | +2.9 |
| 7 | नौगांव | पूर्वी मध्य प्रदेश | 45.8 | +2.7 |
| 8 | खजुराहो | पूर्वी मध्य प्रदेश | 45.8 | +2.3 |
| 9 | झांसी | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 45.6 | +2.8 |
| 10 | बौध | ओडिशा | 45.6 | +2.8 |
| 11 | प्रयागराज | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 45.6 | +4.3 |
| 12 | जालौन | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 45.6 | +2.2 |
| 13 | चंद्रपुर | विदर्भ | 45.6 | +2.7 |
| 14 | ओरई | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 45.6 | +3.5 |
| 15 | कोठागुडेम | तेलंगाना | 45.6 | +4.3 |
| 16 | वर्धा | विदर्भ | 45.5 | +2.6 |
| 17 | नागपुर | विदर्भ | 45.4 | +2.2 |
| 18 | भवानीपटना | ओडिशा | 45.4 | +3.2 |
| 19 | खम्मम | तेलंगाना | 45.4 | +4.5 |
| 20 | आगरा | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 45.4 | +2.2 |
| 21 | रोहतक | हरियाणा | 45.3 | +4.9 |
| 22 | संबलपुर | ओडिशा | 45.3 | +3.5 |
| 23 | अमरावती | विदर्भ | 45.2 | +3.9 |
| 24 | सोनपुर | ओडिशा | 45.2 | +2.9 |
| 25 | हमीरपुर | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 45.2 | +2.6 |
| 26 | रायपुर माना | छत्तीसगढ़ | 45.0 | +2.7 |
| 27 | दतिया | पश्चिमी मध्य प्रदेश | 45.0 | +1.9 |
| 28 | गोंदिया | विदर्भ | 45.0 | +2.2 |
| 29 | बलांगीर | ओडिशा | 45.0 | +3.2 |
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि मध्य और उत्तर भारत इस समय 'आग के समंदर' में है।
गर्मी का स्वास्थ्य पर असर: खतरा कितना बड़ा?
45°C से ऊपर का तापमान शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है।

बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और आउटडोर काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
IMD Mausam Warnings-Alerts: IMD की चेतावनी और अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें।
- हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
- लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ या ORS पीते रहें।
- खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करने वालों को सिर ढककर रखना चाहिए।
- पशुओं को छाया और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।
जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव की तीव्रता और अवधि दोनों बढ़ रही हैं। मई में ही इतनी गर्मी जून-जुलाई जैसी स्थिति पैदा कर रही है। शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट और कम हरियाली भी गर्मी को बढ़ा रही है।
सरकार और प्रशासन की तैयारियां
कई राज्यों में हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। स्कूलों के समय में बदलाव, निर्माण कार्यों में ब्रेक और पब्लिक प्लेस पर कूलिंग सेंटर्स बनाने की कोशिशें हो रही हैं। यूपी, एमपी और महाराष्ट्र सरकारें लगातार अपडेट जारी कर रही हैं।

आगे क्या? कब मिलेगी राहत?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार मई के अंत तक और जून के पहले सप्ताह में भी कई इलाकों में गर्मी बनी रहेगी। मानसून के आने में अभी समय है, इसलिए सतर्कता बनाए रखनी होगी। कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ से हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन वह उमस बढ़ा सकती है।
गर्मी से लड़ना अब सामूहिक जिम्मेदारी
2026 की यह भीषण गर्मी हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की कीमत हम सभी को चुकानी पड़ रही है। ब्रह्मपुरी, बांदा, प्रयागराज जैसे शहरों में लोग 'तंदूर' में जल रहे हैं।
सरकार, प्रशासन, डॉक्टर और आम नागरिक, सबको मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। व्यक्तिगत सावधानी के साथ-साथ वृक्षारोपण, शहरी प्लानिंग और जल संरक्षण जैसे दीर्घकालिक उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है।













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