भाजपा सांसद ने कहा-'किसानों की आत्महत्या पर सवाल किया तो मोदी हो गए गुस्सा, उन्हें सवाल पसंद नहीं'
नई दिल्ली। कई मौकों पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'तानाशाही' रवैया अपना लिया है और शासन से संबंधित किसी भी चीज के बारे में पूछना पसंद नहीं करते हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और मोदी के भयंकर आलोचकों ने भी सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने या उन पर सवाल पूछने के लिए 'गला घोट दिए जाने'का दावा किया। है। महाराष्ट्र से सांसद ने आरोप लगाया है कि 'मोदी कोई सवाल पसंद नहीं करते' और 'उठाए गए मुद्दों पर गुस्सा आ जाता है'।

ये है वो सांसद
भारतीय जनता पार्टी के सांसद नाना पटोले ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सवाल पूछना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उस वक्त उनसे गुस्सा हो गए जब उन्होंने ओबीसी मंत्रालय और किसानों की आत्महत्या के बारे में सवाल करने की कोशिश की। पटोले के अनुसार उन्होंने यह सवाल भाजपा सांसदों की मीटिंग में उठाने की कोशिश की थी।

और तब गुस्सा हो गए मोदी
महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों की समस्या को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे भंडारा-गोंडिया से सांसद पटोले ने कहा कि 'मोदी को सवाल पूछना अच्छा नहीं लगा और वो उस वक्त बहुत गुस्सा हो गए थे जब मैंने ओबीसी मंत्रालय और किसानों की आत्महत्या के बारे में सवाल करने की कोशिश की थी। जब मोदी से सवाल किया जाता है, तो वो पूछने लगते हैं कि क्या आपने पार्टी का घोषणा पत्र पढ़ा है और क्या सरकारी स्कीमों की जानकारी है आपको?'

आई थी डांट लगने की खबरें
गौरतलब है कि मीडिया में भी इस तरह की खबरें आई थीं कि मोदी ने सांसदों की बैठक के दौरान पटोले को फटकार लगाई थी। पटोले ने कहा कि मैंने ग्रीन टैक्स बढ़ाने, ओबीसी मंत्रालय और खेती में केंद्रीय निवेश सरीखे कुछ सुझाव दिए थे, इस पर मोदी नाराज हो गए और मुझे चुप रहने को कहा। पटोले ने यह भी कहा कि मोदी सांसदों से मिलते रोज हैं लेकिन सवाल पूछना उन्हें अच्छा नहीं लगता।

पटोले ने यह दावा भी किया कि...
अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पटोले ने यह दावा भी किया कि 'सभी केंद्रीय मंत्री हमेशा डरे रहते हैं। मैं मंत्री नहीं बनना चाहता, मैं हिटलिस्ट में हूं मगर मैं किसी से नहीं डरता।' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस पर भी पटोले ने टिप्पणी की। पटोले ने कहा कि फडणवीस, राज्य के लिए केंद्र से फंड लाने में नाकाम हैं। केंद्र राज्य को कम पैसा देता है।












Click it and Unblock the Notifications