Amrita Roy: कौन हैं 'रानी मां' अमृता रॉय? जो बंगाल की कृष्णानगर सीट पर महुआ मोइत्रा को दे सकती हैं कड़ी चुनौती
Bengal Lok Sabha Election: बंगाल में कृष्णानगर लोकसभा सीट का चुनाव इस बार दिलचस्प हो सकता है। कृष्णानगर राजबाड़ी की अमृता रॉय गुरुवार को बीजेपी में शामिल हो गईं। स्थानीय लोगों में 'रानी मां' के नाम से लोकप्रिय रॉय नादिया राजघराने की सदस्य हैं। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें कृष्णानगर से टिकट दे सकती है, जिससे टीएमसी की महुआ मोइत्रा की चुनौती बढ़ सकती है।
कृष्णानगर सीट से टीएमसी की महुआ मोइत्रा 2019 में बीजेपी उम्मीदवार कल्याण चौबे से करीब 63 हजार वोटों से जीती थीं। लेकिन, नादिया राजघराने की सदस्य अगर उनके सामने होंगी तो टीएमसी की तेज-तर्रार नेता की मुसीबत बढ़नी तय है। वैसे भी सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने के मामले में उनकी संसद सदस्यता छिन चुकी है।

कौन हैं 'रानी मां' अमृता रॉय?
अमृता रॉय महाराजा रुद्र चंद्र रॉय और कृष्णचंद्र रॉय के नादिया राज परिवार के 39वें वंशज सौमिष चंद्र रॉय की पत्नी हैं। सौमिष चंद्र रॉय एक एयरलाइंस के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। जबकि, उनके बेटे मनीष कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।
ला मार्टिनियर स्कूल और लोरैटो कॉलेज से पढ़ीं अमृता खुद पेशे से फैशन कंसल्टेंट हैं। उनके मुताबिक उनके परिवार के तीनों सदस्यों में से पहले किसी का राजनीति से रिश्ता नहीं रहा है। उनका कहना है, 'लेकिन, राजनीति में आने के मेरे फैसले में मेरे परिवार ने मुझे सपोर्ट किया है।'
महाराजा कृष्णचंद्र रॉय ने 1683 में शुरुआत के बाद से ही नादिया राज परिवार की दुर्गा पूजा को 'सार्वजनिक' उत्सव में बदल दिया था और इस वजह से इस परिवार का आज भी बंगाल में विशेष प्रतिष्ठा है।
कृष्णानगर से अभी भाजपा ने नहीं उतारे हैं उम्मीदवार
बीजेपी ने बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से अभी कृष्णानगर समेत 23 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम नहीं घोषित किए हैं। इसलिए, जिस तरह से अमृता रॉय का भाजपा में आने का स्वागत प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक ने 'रानी मां' के पक्ष में नारों के साथ किया है, उससे लगता है कि पार्टी इस बार यहां बड़ा दांव चल सकती है।
संदेशखाली पर टीएमसी को घेरने की लग रही है तैयारी
बंगाल विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल होने के बाद अमृता रॉय ने कहा, 'जब मुझसे बीजेपी में शामिल होने को कहा गया तो सबसे पहले मेरे दिमाग में ये आया कि बंगाल में जो मौजूदा हालात हैं, उसमें बदलाव की जरूरत है।
शिक्षा से स्वास्थ्य तक, संदेशखाली से गार्डेन रीच तक, हर जगह अवैध स्थिति और भ्रष्टाचार है। यह राज्य का सामान्य घटनाक्रम बन चुका है, जो उचित नहीं है।'
इस मौके पर अधिकारी ने जो कुछ कहा, उससे संकेत मिल रहा है कि पार्टी कृष्णानगर लोकसभा सीट पर उन्हें ही मौका देना चाहती है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि अमृता रॉय के बीजेपी में शामिल होने से कृष्णानगर के खोए हुए गौरव को वापस हासिल करने में मदद मिलेगी।'












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