उग्रवादी संगठन उल्फा ने भाजपा नेता के बेटे को किया रिहा
नई दिल्ली। उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) ने भारतीय जनता पार्टी के नेता रत्नेश्वर मोरन के बेटे को रिहा कर दिया है।

उल्फा उग्रवादियों ने 1 अगस्त को भाजपा नेता के बेटे का अपहरण किया था और 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी।
उग्रवादियों ने भारतीय जनता पार्टी के नेता के बेटे का अपहरण करने के बाद एक वीडियो जारी किया था। जिसके बाद इस घटना का पता चला था।
1 अगस्त को हुई घटना, वीडियो से पता चला
असम में सक्रिय आतंकी संगठन उल्फा ने 1 अगस्त को ही भाजपा नेता रत्नेश्वर मोरान के बेटे कुलदीप मोरान का अपहरण कर लिया था। लेकिन इसका पता तब चला जब इस अपहरण का एक वीडियो आतंकियों ने लीक किया। रत्नेश्वर मोरान असम में तिनसुकिया जिला पंचायत के वाइस प्रेसिडेंट हैं। उनके बेटे को अरुणाचल प्रदेश के नामपोंग इलाके से उल्फा उग्रवादियों ने अपहृत किया।
नकाबपोश उग्रवादियों की कैद में कुलदीप
इस वीडियो में कुलदीप हरी टीशर्ट पहने हुए और उसे आधुनिक हथियारों से लैस पांच नकाबपोश उग्रवादियों ने घेरा हुआ है। वीडियो में कुलदीप असम के सीएम मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और अपने मां बाप से उग्रवादियों के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगा रहा है। वीडियो को जंगल के किसी इलाके में बनाया गया है।
वीडियो में क्या कह रहा था कुलदीप
वीडियो में कुलदीप कह रहा है, 'मेरा अपहरण उल्फा के लोगों ने कर लिया है। वह मेरी आंखों पर पट्टी बांधकर अलग अलग जगहों पर ले जा रहे हैं। मैं बहुत कमजोर हो गया हूं और मेरी तबियत काफी खराब है। मुझे डर है कि मैं क्रॉस फायरिंग में मारा न जाऊं।' उल्फा ने किया फिरौती के लिए फोन इस घटना के बाद कुलदीप के पिता रत्नेश्वर मोरान के पास किसी का कॉल आया जो खुद को उल्फा से बता रहा था। उसने रत्नेश्वर मोरान से बेटे की रिहाई के बदले एक करोड़ की फिरौती मांगी। इस बारे में उग्रवादी संगठन ने मीडिया संस्थानों को भी फिरौती का ईमेल भेजा है।
रिहाई ऑपरेशन लॉन्च में हुई देरी
इस बारे में असम पुलिस के डीजीपी का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश में घटना होने की वजह से मामले का पता देर से चला इसलिए कुलदीप की रिहाई के लिए पुलिस ऑपरेशन चलाने में भी देरी हुई। उल्फा का आतंक है और वह पहले भी ऐसे अपहरण कर चुका है लेकिन यह पहली बार है कि आतंकी संगठन ने अपहरण का वीडियो जारी किया था । उल्फा संगठन म्यानमार, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में अपना बेस बनाए हुए है जहां से ये असम में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। इसी महीने उल्फा ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले तिनसुकिया इलाके में हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी और सात को घायल कर दिया।












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