Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Israel Iran War: ईरान का सऊदी अरब पर अब तक का सबसे भीषण हमला, रियाद में अमेरिकी बेस पर बरसीं मिसाइलें

Israel Iran War: ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। इजराइल और अमेरिका के साथ जारी जंग के 19वें दिन ईरान ने सऊदी अरब के रियाद में स्थित तेल ठिकानों और अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। यह हमला तब हुआ जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान के गैस फील्ड्स और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया।

इस युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसे काबू करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने जोन्स एक्ट में ढील दी है। फिलहाल खाड़ी देशों में हालात बेहद विस्फोटक बने हुए हैं।

iran missile attack on saudi arabia

Iran attacks Saudi Arabia: सऊदी अरब पर ईरान का हमला

ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अब सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया है। ताज़ा खबरों के मुताबिक, रियाद में एक प्रमुख तेल ठिकाने और अमेरिकी सैन्य फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी है। इस हमले के बाद रियाद के कई इलाकों में आग लग गई और अफरातफरी का माहौल है। ईरान यह जताना चाहता है कि अगर उसकी ऊर्जा संपत्तियों पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र की सप्लाई चेन ठप कर देगा।

इजराइल का बड़ा दावा: खुफिया मंत्री की मौत

जंग के बीच ईरान को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने दावा किया है कि अली लारीजानी के बाद अब ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को भी मार गिराया गया है। इजराइली सेना (IDF) के मुताबिक, यह ऑपरेशन ईरान के भीतर घुसकर किया गया। अगर यह खबर पूरी तरह सच साबित होती है, तो यह ईरानी सुरक्षा तंत्र के लिए अब तक की सबसे बड़ी हार होगी, जिससे उनकी रणनीति काफी कमजोर पड़ सकती है।

Israel Iran Conflict Update Hindi: तेल संकट और जोन्स एक्ट में छूट

लगातार बढ़ते हमलों के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इस संकट से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 100 साल पुराने 'जोन्स एक्ट' के नियमों में 60 दिनों की राहत दी है। इसका मकसद शिपिंग और तेल की ढुलाई को आसान बनाना है ताकि घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। ट्रंप का यह फैसला दिखाता है कि अमेरिका इस युद्ध के आर्थिक असर को लेकर काफी गंभीर और चिंतित है।

परमाणु केंद्रों और गैस फील्ड्स पर निशाना

इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र और साउथ पारस गैस फील्ड पर जोरदार हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह सिर्फ एक चेतावनी है। अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की, तो उसके सभी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया जाएगा। वहीं रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाला कदम बताया है, जिससे अब दुनिया की महाशक्तियों के बीच सीधा टकराव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+