चुनावी बॉन्ड बंद होने के बाद भी BJP मालामाल, ECI की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कांग्रेस रह गई कितना पीछे?
BJP Financial Report 2026: भारतीय राजनीति के वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा धमाका हुआ है। चुनाव आयोग (ECI) को सौंपी गई ताजा वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चंदा प्राप्त करने और चुनावी खर्च के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, जब देश ने 18वीं लोकसभा के ऐतिहासिक चुनाव देखे, बीजेपी की कुल आय 6,769 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई है।
यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने के बाद यह पहली बड़ी रिपोर्ट है। रिपोर्ट से साफ है कि बॉन्ड खत्म होने के बावजूद बीजेपी को मिलने वाले स्वैच्छिक दान में 54% की भारी बढ़ोतरी हुई है। विपक्ष के साथ वित्तीय खाई अब इतनी चौड़ी हो गई है कि अकेले बीजेपी का चंदा कांग्रेस के मुकाबले करीब 12 गुना अधिक है। इस लेख में हम बीजेपी की आय, कॉरपोरेट दान और चुनावी विज्ञापनों पर हुए भारी खर्च के एक-एक आंकड़े का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।

BJP की कमाई का नया रिकॉर्ड, 6,125 करोड़ रुपये का चंदा
चुनाव आयोग को 27 दिसंबर 2025 को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी की वित्तीय सेहत पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।
कुल आय में उछाल: वित्त वर्ष 2023-24 में पार्टी की आय 4,340 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 6,769.14 करोड़ रुपये हो गई।
स्वैच्छिक योगदान: कुल आय का शेर-हिस्सा (लगभग 90%) स्वैच्छिक चंदे से आया, जो 6,125 करोड़ रुपये रहा।
इलेक्टोरल बॉन्ड का विकल्प: बॉन्ड बंद होने के बावजूद कॉरपोरेट और इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिलने वाले चंदे ने इसकी भरपाई कर दी। कंपनियों से मिलने वाला दान 1,885 करोड़ रुपये (FY24) से बढ़कर 5,422 करोड़ रुपये (FY25) हो गया।
कांग्रेस बनाम बीजेपी: वित्तीय आंकड़ों की तुलना
रिपोर्ट दिखाती है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और सत्ताधारी बीजेपी के बीच संसाधनों का बड़ा अंतर है:
| विवरण | भारतीय जनता पार्टी (BJP) | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | |
|---|---|---|---|
| 1 | कुल आय (FY25) | 6,769 करोड़ रुपये | 918 करोड़ रुपये |
| 2 | प्राप्त चंदा/दान | 6,125 करोड़ रुपये | 522 करोड़ रुपये |
| 3 | चुनावी खर्च | 3,335 करोड़ रुपये | 896 करोड़ रुपये |
कांग्रेस को मिलने वाले दान में 54% की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण चुनावी बॉन्ड का बंद होना माना जा रहा है।
कहां खर्च हुए 3,775 करोड़ रुपये?
बीजेपी ने 2024 के आम चुनावों और विधानसभा चुनावों में अपने प्रचार तंत्र को पूरी ताकत से झोंक दिया। कुल खर्च का 88% हिस्सा केवल चुनाव प्रचार पर था।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: विज्ञापन और प्रोपेगेंडा के लिए सबसे बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी, डिजिटल) पर खर्च हुआ, जो लगभग 1,125 करोड़ रुपये था।
हवाई सफर: स्टार प्रचारकों और नेताओं की हवाई यात्राओं (हेलीकॉप्टर/विमान) पर पार्टी ने 583 करोड़ रुपये खर्च किए।
उम्मीदवारों को मदद: चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता के रूप में 313 करोड़ रुपये बांटे गए।
अन्य खर्च: होर्डिंग्स पर 107 करोड़ रुपये और रैलियों/मोर्चों पर लगभग 91 करोड़ रुपये खर्च हुए।
पार्टी के पास अब कितनी संपत्ति है?
साल के अंत में बीजेपी का बैंक बैलेंस और नकद भंडार किसी भी अन्य दल की तुलना में बहुत विशाल है। पार्टी ने वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत 9,170 करोड़ रुपये के बैलेंस के साथ की थी। साल भर के भारी खर्च के बावजूद, 2,995 करोड़ रुपये का सरप्लस (बचत) दर्ज किया गया। इसके साथ ही 31 मार्च 2025 तक बीजेपी का कुल क्लोजिंग बैलेंस बढ़कर 12,164 करोड़ रुपये हो गया है।












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