मध्य प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा, की कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट की मांग
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा में राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। स्पीकर ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। वहीं, फ्लोर टेस्ट की मांग लेकर विपक्षी दल भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की तरफ से ये याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भाजपा ने 12 घंटे में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर कल सुनवाई होगी। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में घिरी हुई है। भाजपा का कहना है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है जबकि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने उनके विधायकों को बंधक बना रखा है।
इसके पहले, राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ को निर्देश दिया था कि उनके अभिभाषण के बाद विधानसभा में वे आज ही बहुमत परीक्षण कराएं लेकिन आज विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा नेता राजभवन पहुंचे थे। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की।
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इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी राजभवन पहुंचे थे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद जब वे बाहर आए तो मीडियाकर्मियों ने इस मुलाकात के बारे में पूछा। इसपर दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्यपाल लालजी टंडन के साथ उनके मधुर संबंध हैं और ये औपचारिक मुलाकात थी, किसी राजनीतिक मुद्दे पर इस दौरान कोई चर्चा नहीं हुई।












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