हरियाणा में भाजपा का अनुशासन धूल में मिला,कलह सामने आई
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) भाजपा के हरियाणा विधान सभा चुनाव के लिए अपने 43 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी करते ही भाजपा की कलह सबके सामने आ गई है। प्राप्त जानकारी के महेंद्रगढ़, कैथल, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र और रोहतक में विरोध के स्वर उठे।

नारनौल हलके से कैलाश चंद को टिकट न मिलने से खफा भाजपा युवा मोर्चा के कुछ कार्यकर्ता महेंद्रगढ़ में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा के घर तक पहुंच गए।
मालूम चला है कि कार्यकर्ताओं ने शर्मा का बैनर जलाने का प्रयास किया। भाजपा मजदूर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश बल्हारा रोहतक स्थित पार्टी मुख्यालय पर धरने पर बैठ गए। बल्हारा महम से टिकट के दावेदार थे लेकिन टिकट मिला शमशेर खरकड़ा को।
भाजपा को छोड़ें देंगे
इनेलो छोड़कर भाजपा में आए गुहला के निवर्तमान विधायक फूल सिंह खेड़ी ने पार्टी छोड़ सकते हैं। इधर भाजपा का टिकट कटने के बाद जीटीवी ग्रुप के मालिक डॉ. सुभाष चंद्रा बोले,‘हिसार से चुनाव लड़ने का फैसला मैंने जनता के कहने पर लिया था। मेरे समर्थकों ने पिछले दिनों कार्यक्रम करवाकर मुझसे चुनाव लड़ने की हामी भरवाई और मुझे सीएम के तौर पर पेश किया था।'
वहीं, लाडवा से टिकट न मिलने नाराज भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जतिंद्र सिंह काका बोले, पार्टी ने टिकट न देकर अपमान किया है। बड़खल हलके से टिकट सीमा त्रिखा को देने से खफा पूर्व विधायक चंदर भाटिया ने कहा कि वे 21 सितंबर को अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे।
इस बीच,भाजपा की पहली सूची में ही पार्टी ने 43 में से 15 सीटें जाट समुदाय को देकर अपनी उस छवि को धोने की कोशिश की है जो हजकां के साथ गठबंधन में रहते हुए बनी थी। भाजपा को लग रहा है कि गैर जाट तो उसका परंपरागत वोट बैंक है ही, लेकिन जाट वोट बैंक में भी सेंध लगानी चाहिए।












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